पश्चिम एशिया में जारी तेल एवं प्राकृतिक गैस संकट को देखते हुए बिहार सरकार ने शादी के सीजन में गैस सिलेंडर के इस्तेमाल को लेकर एक अहम फैसला लिया है. सरकार ने अब शादियों और अन्य वैवाहिक कार्यक्रमों में घरेलू एलपीजी के उपयोग पर पूरी तरह से सख्ती बरतने का निर्णय लिया है. राज्य के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने आदेश जारी कर कहा है कि शादियों और दूसरे कार्यक्रमों में घरेलू एलपीजी के इस्तेमाल पर कड़ी नजर रखी जाएगी. 

Continues below advertisement

​सरकार द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार अब वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए केवल कमर्शियल (वाणिज्यिक) गैस सिलेंडर का ही उपयोग किया जा सकेगा. विभाग ने पाया है कि शादी-ब्याह के आयोजनों में लोग अक्सर घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, जिससे बाजार में गैस की किल्लत बढ़ सकती है. नई व्यवस्था के तहत अब शादी वाले घरों को गैस के लिए विशेष प्रक्रिया का पालन करना होगा. ​ जिस घर में शादी है, उन्हें अपने क्षेत्र के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) को एक आवेदन देना होगा. आवेदन के साथ शादी का निमंत्रण पत्र संलग्न करना अनिवार्य है. आवेदन में स्पष्ट रूप से बताना होगा कि कार्यक्रम में कितने मेहमान शामिल होंगे और उन्हें कितने कमर्शियल सिलेंडरों की आवश्यकता पड़ेगी.

 हलवाई और कैटरर्स के लिए भी नियम सख्त 

सरकार ने केवल मेजबानों पर ही नहीं, बल्कि कैटरर्स पर भी नकेल कसी है. अब सभी रसोइयों और कैटरर्स को कमर्शियल गैस के उपयोग के लिए अपना पंजीकरण कराना होगा. तेल कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे अगले 5 से 7 दिनों के भीतर इन कैटरर्स का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करें. आपके द्वारा किए गए आवेदन का अनुमंडल पदाधिकारी मेहमानों की संख्या का आकलन करेंगे. इसके बाद संबंधित तेल कंपनियों को निर्देश दिया जाएगा कि वे उस परिवार या कैटरर को मांग के अनुसार और स्टॉक की उपलब्धता के आधार पर आनुपातिक रूप से कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित करें.

Continues below advertisement

​क्यों लिया गया यह फैसला?

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के विशेष सचिव उपेंद्र कुमार द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि ​"पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है और आगे भी यह स्थिति बनी रह सकती है. घरेलू गैस की कालाबाजारी रोकने और आम उपभोक्ताओं को किल्लत से बचाने के लिए वैवाहिक कार्यों हेतु कमर्शियल गैस का उपयोग अनिवार्य किया गया है."

प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि शादियों के लिए आवंटित की गई कमर्शियल गैस का उपयोग केवल उसी विशेष कार्यक्रम के लिए किया जाएगा. यदि घरेलू सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग करते हुए कोई पाया जाता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है. ऐसे में अगर आपके घर में भी शहनाई बजने वाली है, तो समय रहते अपने नजदीकी अनुमंडल कार्यालय में आवेदन कर दें, ताकि आखिरी वक्त पर हलवाई को बगैर गैस के न बैठना पड़े.