बिहार के सरकारी कर्मियों की मनमानी अब नहीं चलेगी. इसको लेकर सम्राट चौधरी(Samrat Choudhary) की सरकार की ओर से बड़ा कदम उठाया गया है. बीते सोमवार (01 जून, 2026) को एक आदेश जारी हुआ है. सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी राजेंदर की ओर से जारी आदेश में राज्य के सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति (Biometric Attendance) को अनिवार्य किया गया है.
प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त और समयबद्ध बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है. यानी '10 बजे लेट नहीं, एक बजे भेंट नहीं' वाली कहानी अब नहीं चलेगी. सोमवार को जारी हुए आदेश के तहत अब पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक के सभी सरकारी कार्यालयों में बिहार बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (BBAS) के माध्यम से ही हाजिरी दर्ज की जाएगी.
इतना ही नहीं जारी किए आदेश में यह भी साफ कहा गया है कि नए नियमों के मुताबिक समय पर कार्यालय नहीं आने वाले अधिकारी और कर्मचारी कार्रवाई के दायरे में होंगे. यानी सम्राट सरकार में अटेंडेंस को लेकर किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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जारी किए गए आदेशों की मुख्य बातें जानें
आदेश में कहा गया है कि बिहार के सभी सरकारी कर्मियों और अधिकारियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य होगा. पंचायत से लेकर जिला स्तर तक सभी कार्यालयों में बिहार बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (BBAS) के माध्यम से हाजिरी दर्ज होगी. देर से कार्यालय आने पर अवकाश समायोजन या वेतन कटौती की जाएगी.
सभी वेतन भुगतान बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर किए जाएंगे. इसके साथ ही कार्यालय प्रमुखों को हर माह उपस्थिति का प्रिंट आउट उपलब्ध कराना होगा. जारी किए गए पत्र में इसका भी जिक्र है कि जहां खराब बायोमेट्रिक मशीनें हैं उन्हें तत्काल ठीक कराया जाए. जिन कार्यालयों में मशीन नहीं है, वहां जल्द लगाने के लिए कहा गया है.
निर्देश के अनुसार, जिला स्तर पर नोडल पदाधिकारी की नियुक्ति कर निगरानी की जाएगी. अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंदर ने सभी जिलाधिकारियों को सख्त अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.
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