खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध का असर अब भारत में भी देखा जा रहा है. एलपीजी गैस या पेट्रोलियम पदार्थ के साथ-साथ कई सामानों में समस्या उत्पन्न होने लगी है. कई घर बनाने के काम आने वाले पीवीसी पाइप या कई तरह के सामानों के रॉ मैटेरियल जो खाड़ी देश से आते हैं, माल की आपूर्ति प्रभावित होने की वजह से अब उनके दाम बढ़ने लगे हैं. वहीं इसके अलावा खाद्य पदार्थों के समान से जुड़े सामानों के दाम बढ़ने लगे हैं. इन्हीं समस्याओं को देखते हुए बिहार सरकार ने अहम कदम उठाए हैं.
जानकारी के मुताबिक, खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के इफेक्ट से निपटने के लिए बिहार सरकार ने एहतियात के तौर अहम कदम उठाए है. बिहार सरकार ने आम लोगों की सहूलियत के लिए ठोस कदम उठाने का निर्णय ले लिया है. राज्य सरकार के मुख्य सचिव ने सभी विभागों के अधिकारियों के साथ क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (CMG)का गठन किया है.
क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप का गठन
युद्ध के कारण उत्पन्न हुए समस्या से निपटने के लिए बिहार राज्य में आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं को सुचारू तरीके के उपलब्ध करने एवं प्रवासी श्रमिकों के हितों की सुरक्षा करने तथा अन्य संबंधित विषयों पर समुचित समीक्षा एवं समन्वित कार्रवाई के उद्देश्य से बिहार सरकार द्वारा बीते शनिवार को एक उच्च स्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (CMG) का गठन किया गया. यह ग्रुप बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में किया जाएगा.
विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को किया शामिल
इसमें विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है, जिनमें विकास आयुक्त, अपर मुख्य सचिव (गृह), पुलिस महानिदेशक, तथा कृषि, स्वास्थ्य, नगर विकास एवं आवास, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, सहकारिता, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण, ऊर्जा, परिवहन तथा आपदा प्रबंधन विभागों के प्रधान सचिव/सचिव स्तर के अधिकारी शामिल हैं. खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को इस समूह का नोडल विभाग बनाया गया है.
इस समूह की मुख्य जिम्मेदारी राज्य में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी, प्रवासी श्रमिकों के हितों की रक्षा तथा संभावित आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए समन्वित रणनीति तैयार करना एवं उसे लागू करना होगा. इसे जल्दबाजी में क्रियान्वित करने का निर्णय लिया गया है.
30 मार्च को आयोजित होगी सीएमजी की पहली बैठक
इसके लिए क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की पहली बैठक कल 30 मार्च को अपराह्न 4:00 बजे मुख्य सचिव कार्यालय कक्ष में आयोजित की जाएगी. इसके तुरंत 1 घंटे बाद कल की शाम 5:00 बजे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रमंडलीय आयुक्तों एवं जिला पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित होगी, ताकि राज्यभर में प्रभावी समन्वय स्थापित किया जा सके.
आवश्यकता पड़ने पर भविष्य में अन्य विभागों को भी इस समूह में शामिल किया जा सकेगा. निश्चित तौर पर अगर युद्ध लम्बा चला तो धीरे-धीरे आम लोगों से जुड़े कई सामानों पर समस्या आ सकती है. ऐसे में अब राज्य सरकार क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के तहत लोगों को सुविधा प्राप्त उत्पन्न करने के लिए पहल शुरू कर दी है.
