अगर आप जीएनएम की छात्रा हैं तो सेशन (पढ़ाई के दौरान) के बीच शादी नहीं कर सकतीं. शादी की तो आपका नामांकन रद्द हो जाएगा. यह अजब-गजब फरमान बिहार में जारी हुआ है जिसके बाद सोशल मीडिया पर भी बहर छिड़ गई है. मामला बिहार के गोपालगंज जिले से सामने आया है. 

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जिले के हथुआ जीएनएम स्कूल ने यह आदेश जारी किया है. नोटिस को स्कूल की दीवारों पर चस्पा करा दिया गया है. विभाग की ओर से जारी इस आदेश के बाद अलग-अलग चर्चाएं शुरू हो गई हैं. आदेश पत्र बीते गुरुवार (16 अप्रैल, 2026) का है.

विभाग की ओर से जैसे ही इसे लगाया गया तो यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. अनुमंडलीय अस्पताल हथुआ के कैंपस में यह जीएनएम स्कूल चलता है. स्कूल प्रशासन की ओर से जारी इस फरमान के बाद यहां पढ़ने वाली छात्राएं विचलित हैं.

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नोटिस में क्या कुछ लिखा गया है?

स्कूल की ओर से जारी नोटिस में लिखा गया है-"सभी छात्राओं को सूचित किया जाता है कि शैक्षणिक सत्र के दौरान विवाह करना प्रतिबंध है. यदि कोई छात्रा इस अवधि में शादी करती है तो इसकी सूचना विभाग को दे दी जाएगी एवं उसका नामांकन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा जिसके जिम्मेदार आप स्वयं होंगे."

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स्कूल की प्रिंसिपल ने दी सफाई

इस मामले में स्कूल की प्रिंसिपल मानसी सिंह ने बताया कि विभागीय आदेश के आलोक में छात्राओं के नामांकन के समय ही घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर करा लिया जाता है. घोषणा पत्र में यह साफ तौर पर लिखा गया है कि नामांकित छात्राएं पढ़ाई अवधि के तीन वर्ष तक शादी नहीं करेंगी. शैक्षणिक सत्र के दौरान शादी पर प्रतिबंघ लगा दिया गया है. 

उन्होंने आगे कहा कि नर्सिंग की शिक्षा आवासीय होती है जहां छात्राएं स्कूल प्रशासन की निगरानी में रहकर पढ़ाई करती हैं. इस स्थिति में अगर वे शादी हैं तो उनकी पढ़ाई में रुकावट आ सकती है. इसलिए यह नियम विभाग के द्वारा पूर्व से ही लगाया गया है. यहां बता दें कि यह नियम एएनएम और जीएनएम दोनों संस्थानों में छात्राओं के लिए लागू है.

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