विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक एवं बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी यूपी के लखनऊ में 'हाउस अरेस्ट' कर लिए गए. सोमवार (29 जून, 2026) को पार्टी की ओर से इसकी जानकारी दी गई. पार्टी की ओर से बताया गया कि मुकेश सहनी को शाहजहांपुर जाना था लेकिन पुलिस-प्रशासन ने उन्हें जाने से रोक दिया.

यूपी पुलिस-प्रशासन की ओर से ऐसा किए जाने पर मुकेश सहनी ने कहा, "सरकार अब लोगों के आने-जाने पर प्रतिबंध लगा रही है, जो सीधे तौर पर लोकतंत्र पर हमला है. यदि किसी जनप्रतिनिधि को अपने कार्यक्रम में जाने से रोका जाता है तो यह स्पष्ट करता है कि सरकार चर्चा और संवाद से भाग रही है."

'कमजोर नहीं होगा आंदोलन'

चेतावनी भरे लहजे में मुकेश सहनी ने यह भी कहा कि निषाद समाज के हक, अधिकार और आरक्षण की लड़ाई को रोकने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इससे आंदोलन कमजोर नहीं होगा. उन्होंने कहा कि निषाद समाज अब जाग चुका है और अपने सम्मान एवं अधिकारों की लड़ाई आख़िरी दम तक लड़ेगा

यूपी सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें शाहजहांपुर एवं अन्य जनपदों के प्रस्तावित दौरे से रोकना लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है. यह अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति को दर्शाता है.

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पार्टी के बयान में क्या कुछ कहा गया?

पार्टी द्वारा जारी बयान में कहा गया कि पुलिस अधीक्षक शाहजहांपुर के पत्र के आधार पर यह निर्देश दिया गया कि उनके जनपद भ्रमण से कानून-व्यवस्था एवं सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका है, जिसके चलते उन्हें लखनऊ में ही रोके जाने की बात कही गई है और उनके आवागमन पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए वीआईपी प्रमुख ने कहा कि सरकार जनता के चुने हुए और जनहित में कार्य करने वाले नेताओं की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है. 

वीआईपी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रकार की कार्रवाई से जनता में असंतोष बढ़ेगा और पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगी. बता दें कि सहनी आज मिर्जापुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले थे और उनका रात्रि प्रवास था.

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