बिहार बाढ़: गर्भवती-बच्चों की खास चिंता, स्वास्थ्य मंत्री ने बताया पूरा इंतजाम
बिहार में बाढ़ पीड़ितों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अस्थायी अस्पताल और मोबाइल मेडिकल टीमें तैनात की हैं. 7 तरह की दवाएं नाव से पहुंचाई जा रही हैं. पढ़िए निशांत कुमार ने क्या कुछ कहा है.

बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं. स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहा है. गर्भवती महिलाओं, दिव्यांगों और बच्चों के लिए अस्पतालों में विशेष व्यवस्था की गई है. जरूरतमंदों तक दवाएं पहुंचाने के लिए मोबाइल मेडिकल टीमों को भी सक्रिय किया गया है.
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा स्कूलों और पंचायत भवनों में अस्थायी अस्पताल बनाए गए हैं. इन केंद्रों पर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है, ताकि बाढ़ के कारण नियमित स्वास्थ्य सेवाओं से दूर हुए लोगों को तत्काल इलाज मिल सके.
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नाव से पहुंचाई जा रहीं दवाएं
निशांत कुमार ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने के लिए नावों के जरिए भी दवा वितरण की व्यवस्था की गई है. उन्होंने बताया कि करीब सात तरह की जरूरी दवाएं लोगों को उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिसमें सर्पदंश, बुखार व छोटी-मोटी बिमारियों से संबंधित दवाएं शामिल हैं. मोबाइल मेडिकल टीमों के माध्यम से भी प्रभावित इलाकों में जाकर मरीजों की जांच और उपचार किया जा रहा है.
#WATCH पटना: बिहार में बाढ़ की स्थिति और बाढ़ पीड़ितों के लिए मेडिकल राहत व स्वास्थ्य सुविधाओं पर बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा, "बाढ़ के लिए राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग प्रयास कर रहा है... हमने प्राइमरी हेल्थ सेंटर, स्कूल और पंचायत भवन में अस्थायी अस्पतालों की… pic.twitter.com/jOqqNM3aJ7
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 7, 2026
गर्भवती महिलाओं और बच्चों पर विशेष फोकस
स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ के दौरान सबसे ज्यादा संवेदनशील माने जाने वाले वर्गों के लिए विशेष इंतजाम किए हैं. गर्भवती महिलाओं, बच्चों और दिव्यांग लोगों को जरूरत के मुताबिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अस्पतालों और राहत केंद्रों को तैयार रखा गया है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं.
मलेरिया-डेंगू से बचाव के लिए छिड़काव
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बाढ़ के बाद मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ने को देखते हुए मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए छिड़काव की व्यवस्था की गई है. स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों में तैनात हैं. सरकार का प्रयास है कि बाढ़ के साथ-साथ संक्रमण और बीमारियों के खतरे को भी नियंत्रित किया जा सके. मंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभाग पूरी तरह सक्रिय है.
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