निजी निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने एक अहम फैसला लिया है. बिहार के वित्त विभाग और नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड लिमिटेड (NIIFL) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं. इस समझौते से राज्य में निजी निवेश को आकर्षित करने के नए रास्ते खुलेंगे और निवेश योग्य परियोजनाओं की एक मजबूत सूची तैयार की जाएगी.

Continues below advertisement

जानकारी के अनुसार, यह MoU वित्त मंत्रालय के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर की अध्यक्षता में मंगलवार शाम को साइन किया गया. वित्त विभाग की ओर से विशेष सचिव मुकेश कुमार लाल और NIIFL की ओर से कार्यकारी निदेशक प्रसाद गडकरी ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए. समझौते का मुख्य उद्देश्य राज्य में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति देना और निवेश के लिए उपयुक्त योजनाओं की पहचान करना है.

बिहार के लिए तकनीकी सलाहकार के भूमिका निभाएगी NIIFL

NIIFL भारत सरकार द्वारा प्रायोजित एक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है. इस समझौते के तहत NIIFL बिहार सरकार के लिए नॉलेज पार्टनर और तकनीकी सलाहकार की भूमिका निभाएगी. कंपनी राज्य में निवेश योग्य परियोजनाओं की पहचान करेगी और बुनियादी ढांचा फंड के प्रबंधन में मदद करेगी.

Continues below advertisement

NIIFL स्वास्थ्य, शहरी बुनियादी ढांचा, सड़क, ऊर्जा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, हवाई अड्डे और लॉजिस्टिक्स पार्क जैसे क्षेत्रों में ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड परियोजनाओं को चिन्हित करेगी. इसके साथ ही इन परियोजनाओं के लिए उपयुक्त राजस्व मॉडल और उनके क्रियान्वयन के अलग-अलग विकल्पों पर भी काम किया जाएगा.

राज्य में निवेश से जुड़ी योजनाओं को मिलेगी मदद

इसके अलावा, NIIFL राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी और बुनियादी ढांचा निवेश से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण और क्षमता विकास कार्यक्रम भी आयोजित करेगी. इससे राज्य में निवेश से जुड़ी योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी.

ये भी पढ़िए- भाई तेजस्वी से मिले तेजप्रताप यादव, भतीजी को गोद में खिलाया, चूड़ा-दही भोज का दिया निमंत्रण