बिहार चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी NDA में सीट बंटवारे का ऐलान कर दिया गया है. 2025 विधानसभा चुनाव के लिए जनता दल यूनाइटेड और भारतीय जनता पार्टी 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. वहीं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की अध्यक्षता वाली लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) 29, राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा की अगुवाई वाली राष्ट्रीय लोक मोर्चा 6 और केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की अध्यक्षता वाली हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा 6 सीटों पर चुनाव लड़ेगी.
इस चुनाव में जदयू और बीजेपी बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेगी. NDA में JDU के रहते हुए यह संभवतः पहली बार है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी और बीजेपी बराबर सीटों पर चुनाव लड़ रही है. ऐसे में अब जदयू का बड़ा भाई वाला वजूद भी लगभग खात्मे की ओर है. साथ ही साथ गठबंधन की राजनीति में जदयू की सियासी हैसियत भी कम होती दिख रही है.
महागठबंधन से नाराज हुए मुकेश सहनी? बोले- 'दिल्ली जा रहा हूं और लौटकर...'
क्या कहते हैं आंकड़े?
आंकड़ों पर नजर डालें तो फरवरी 2005 के चुनाव में जदयू 138 सीटों पर चुनाव लड़ी. बीजेपी 103 ने सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे. हालांकि किसी भी गठबंधन को बहुमत न मिलने की दशा में सरकार नहीं बन सकी और फिर अक्टूबर 2005 में चुनाव हुए. इस चुनाव में जदयू 139 और बीजेपी 102 सीटों पर चुनाव लड़ी.
इसके बाद आया वर्ष 2010 का चुनाव जब जेडीयू 141और बीजेपी ने 102 विधानसभा सीटों पर अपने-अपने उम्मीदवार उतारे. वर्ष 2015 के चुनाव में जब जदयू ने लालू प्रसाद यादव की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय जनता दल के साथ चुनाव लड़ा तब राजद और जदयू ने 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ा था.
क्या है 1 दशक पुराना इतिहास?
वर्ष 2020 के चुनाव से पहले राजद और जदयू का अलायंस टूटा और नीतीश कुमार फिर बीजेपी नीत राजग के साथ आए. इस चुनाव में जदयू 115 और बीजेपी 110 सीटों पर चुनाव लड़ी.
इस चुनाव में नीतीश कुमार की जदयू वर्ष 2015 के चुनाव का इतिहास दोहराते हुए 101 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. साल 2015 के चुनाव में जदयू ने 71 और राजद ने 80 सीटों पर चुनाव जीता था.
