सुप्रीम कोर्ट में भी गूंजा बिहार का वोटर लिस्ट मुद्दा, मुख्य निर्वाचन अधिकारी का ट्वीट बना चर्चा का केंद्र
Bihar Election 2025 : मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 9 अक्टूबर तक धारा 24(क) के तहत किसी भी जिला मजिस्ट्रेट को कोई अपील प्राप्त नहीं हुई. कोर्ट की कल की सुनवाई में भी यह मुद्दा महत्वपूर्ण रहा.

बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के बीच मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है. राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) बिहार ने अपने आधिकारिक एक्स पर एक ट्विट शेयर किया.
उन्होंने उसमें लिखा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 2025 के तहत सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों द्वारा नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है.
आवश्यक सूचना
— Chief Electoral Officer, Bihar (@CEOBihar) October 9, 2025
बिहार राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान, 2025 के दौरान सभी 243 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी द्वारा निर्वाचक सूची में नाम जोड़ने एवं विलोपन के संबंध में, दिनांक 09.10.2025 तक लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 24(क) के तहत जिला… pic.twitter.com/mODSY1IAal
सूची में नाम जोड़े या हटाए जाने पर दर्ज नहीं हुई कोई आपत्ति
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम धारा 24(क) के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, अब तक किसी भी जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष अपील प्राप्त नहीं हुई है. यानी, 9 अक्टूबर 2025 की अंतिम तिथि तक मतदाता सूची में नाम जोड़े या हटाए जाने को लेकर कोई आपत्ति या अपील दर्ज नहीं की गई. जानकारी ऐसे समय आई है जब सुप्रीम कोर्ट में भी कल की सुनवाई के दौरान यह मुद्दा चर्चा का विषय रहा है.
जानकारी के अनुसार, अदालत में बिहार की मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से संबंधित कुछ याचिकाओं पर बहस हुई. जिनमें यह सवाल उठा कि पुनरीक्षण प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से की गई या नहीं. मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी यह अपडेट उसी संदर्भ में एक आधिकारिक स्थिति स्पष्ट करने वाला बयान माना जा रहा है.
मतदाता सूची का पूरा कर लिया गया सत्यापन
निर्वाचन कार्यालय के ट्वीट के अनुसार, सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में संबंधित पदाधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर मतदाता सूची का सत्यापन पूरा कर लिया है. अब राज्य स्तर पर डेटा के समेकन और अंतिम प्रकाशन की तैयारी चल रही है. इससे पहले आयोग ने पात्र मतदाताओं से अपील की थी कि वे अपने नाम, पते और आयु की जानकारी की जांच अवश्य करें और त्रुटि पाए जाने पर सुधार के लिए आवेदन दें.
कई सीटों के नतीजों को प्रभावित कर सकती है छोटी सी गड़बड़ी
राजनीतिक दलों की नजर भी इस पूरी प्रक्रिया पर है, क्योंकि चुनावी तैयारी का यह सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है. मतदाता सूची में छोटी सी गड़बड़ी भी कई सीटों के नतीजों को प्रभावित कर सकती है. ऐसे में आयोग की यह घोषणा कि किसी भी अपील की प्राप्ति नहीं हुई, चुनावी पारदर्शिता की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.
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Source: IOCL























