बिहार के सरकारी स्कूलों में पदस्थापित शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों और प्रधान शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. मंगलवार (28 जुलाई, 2026) को बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बैठक की. इस दौरान शिक्षकों के स्थानांतरण पर फैसला लिया गया. 

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अब राज्य के विभिन्न विद्यालयों में परिवीक्षा अवधि (प्रोबेशन पीरियड) में कार्यरत शिक्षक, प्रधानाध्यापक एवं प्रधान शिक्षक भी स्थानांतरण के लिए विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के निर्देश पर मंगलवार को शिक्षा विभाग ने बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026 के तहत यह बड़ा निर्णय लिया. 

इस फैसले से टीआरई-3 के शिक्षकों के भी तबादले की प्रक्रिया में शामिल होने का रास्ता साफ हो गया है. सामान्य शिक्षकों की तरह वे भी समायोजन/समानुपातीकरण तथा पारस्परिक स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेंगे.

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29 जुलाई से कर सकेंगे आवेदन

शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार शिक्षकों के हितों को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और व्यावहारिक जरूरतों व सुझावों को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया गया है, ताकि पूरी प्रक्रिया को न्यायसंगत, पारदर्शी और शिक्षक-हितैषी बनाया जा सके. 29 जुलाई से ही सभी शिक्षक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे.

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​इस नए संशोधन के साथ ही स्थानांतरण प्रक्रिया और अधिक सुगम हो गई है. पूर्व में जारी बीते 21 जुलाई के विस्तृत दिशा-निर्देशों के तहत 5 वर्ष की न्यूनतम सेवा अवधि की शर्त को पहले ही शिथिल कर दिया गया था और अब प्रोबेशन पीरियड की बाध्यता भी समाप्त हो गई है. इसके अलावा बीते 2 वर्षों में स्थानांतरित हुए शिक्षक भी आवेदन के पात्र रहेंगे. पूरी प्रक्रिया 'ई-शिक्षाकोष' (e-Shikshakosh) पोर्टल के जरिए 100% ऑनलाइन होगी, जिसमें शिक्षक अपनी पसंद के अधिकतम 30 विद्यालयों का विकल्प चुन सकेंगे.

वहीं अंतर-जिला या अंतर-प्रमंडल स्थानांतरण के लिए 5-5 विकल्पों की सुविधा रहेगी. 31 मार्च 2026 को 58 वर्ष की आयु पूरी कर चुके शिक्षकों को बिना उनकी सहमति के स्थानांतरित नहीं किया जाएगा. समान अंक होने पर महिलाओं को गृह प्रखंड व पुरुषों को गृह जिला के आधार पर प्राथमिकता मिलेगी.

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