सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा है कि एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया बिल्कुल सही है. नियम और कानून के हिसाब से है. बुधवार (27 मई, 2026) को सुप्रीम कोर्ट की ओर से आई टिप्पणी के बाद अलग-अलग दलों की ओर से प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं. बिहार कांग्रेस (Bihar Congress) की ओर से भी रिएक्शन सामने आया है. 

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बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने कहा कि एसआईआर करने की जल्दबाजी में मतदाताओं को उनके मतदान के अधिकार से वंचित कर दिया जा रहा है. चुनाव आयोग के द्वारा वाजिब मतदाताओं की हकमारी ना हो और इस प्रक्रिया के तहत एक भी वैध मतदाता के अधिकारों का हनन ना हो इसको भी उच्चतम न्यायालय को सुनिश्चित करना चाहिए. 

'हम वैध मतदाताओं के नाम काटने का विरोध कर रहे'

उन्होंने कहा कि जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायालय की ओर आम लोग आशान्वित होकर देखते हैं. ऐसे में उनके मतदाता अधिकारों को सुनिश्चित हो यह बेहद महत्वपूर्ण है. डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने कहा कि हम लगातार वैध मतदाताओं के नाम काटने की प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं और करते रहेंगे. एक-एक मत लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है. हमारे नेता राहुल गांधी मतदाताओं के अधिकार के लिए लगातार संघर्ष करते रहें हैं. कांग्रेस पार्टी देश के एक-एक निवासी जो वैध मतदाता हैं उनके अधिकारों का हनन नहीं होने देगी.

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दीपक प्रकाश ने एसआईआर को बताया रूटीन काम

दूसरी ओर बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कोर्ट के फैसले के बाद कहा, "एसआईआर कोई मुद्दा नहीं है. एसआईआर एक रूटीन काम है. वोटर लिस्ट में चुनाव आयोग को जब-जब शुद्धीकरण की जरूरत लगती है एसआईआर होता रहा है. पहले भी होता रहा है और आगे भी होता रहेगा. विपक्ष बेमतलब का चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश करता है. बिहार में भी चुनावी मुद्दा बनाने का प्रयास हुआ, बंगाल में भी हुआ. परिणाम सबके सामने है, इसलिए रूटीन वर्क है और बिना मतलब का मुद्दा बनाने की जो कोशिश थी वो नाकाम हुई है."

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