प्रधानमंत्री आवास के पास बीत मंगलवार (21 जुलाई, 2026) को राहुल गांधी सहित विपक्ष के अन्य नेताओं की ओर से दिए गए धरना पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा बयान दिया है. सम्राट चौधरी ने बुधवार (22 जुलाई, 2026) को एक्स पर पोस्ट करते हुए इस धरना को राजनीतिक लाभ करार दिया.

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सम्राट चौधरी ने कहा कि हाई सिक्योरिटी जोन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा नियमों की अनदेखी करने वाला आचरण संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के प्रतिकूल है. क्षणिक राजनीतिक लाभ और सुर्खियां बटोरने की कोशिश में इस प्रकार का व्यवहार विपक्ष के नेता जैसे संवैधानिक पद की गरिमा पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है.

मर्यादाओं का सम्मान सर्वोपरि: सम्राट चौधरी

सीएम ने कहा कि राजनीति में मतभेद स्वाभाविक है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं, सुरक्षा प्रोटोकॉल और सार्वजनिक मर्यादाओं का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए. लोकतांत्रिक पदों की गरिमा को आहत करने वाला कोई भी आचरण किसी भी दृष्टि से उचित नहीं ठहराया जा सकता.

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उन्होंने यह भी कहा, "देश अपेक्षा करता है कि सार्वजनिक जीवन में आचरण भी उतना ही जिम्मेदार, संयमित और मर्यादित हो, जितनी बड़ी जिम्मेदारी उस पद के साथ जुड़ी होती है."

मंगल पांडेय ने भी किया विरोध

दूसरी ओर पूर्व मंत्री मंगल पांडेय ने भी कांग्रेस के प्रदर्शन पर विरोध जताया है. मंगल पांडेय ने कहा कि लोकतंत्र विरोध और असहमति की अनुमति देता है, अराजकता और अनुशासनहीनता की नहीं. संसद देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का शीर्ष मंदिर है और इसकी गरिमा को बनाए रखना हर जनप्रतिनिधि का कर्तव्य है. प्रधानमंत्री आवास कोई आम चौराहा नहीं, बल्कि देश का सबसे संवेदनशील सुरक्षा क्षेत्र है. यहां बिना अनुमति धरना देना केवल नियम तोड़ना नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देना है. लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराने के अपने स्थान और संवैधानिक तरीके तय हैं.

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