विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान शुक्रवार (24 अप्रैल, 2026) को जब सदन में सीएम सम्राट चौधरी (Bihar CM Samrat Choudhary) बोल रहे थे तो वे आरजेडी पर भी बरसे. कहा कि जो व्यक्ति अपने परिवार में बहन को सम्मान नहीं दिया वह बिहार की बहन को क्या सम्मान देगा? यहां सम्राट का इशारा रोहिणी आचार्य (Rohini Acharya) की ओर था.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, "लालू यादव ने मुझे जेल में डाला और मेरे 22 परिवार के सदस्यों को जबरदस्ती जेल में भेजा... अगर नीतीश कुमार नहीं होते, तो क्या लालू यादव मुख्यमंत्री होते? नीतीश कुमार ने ही लालू यादव को मुख्यमंत्री बनाया था और कोई किसी की पाठशाला से नहीं होता है. मेरी राजनीति में अगर लालू यादव जी का अत्याचार नहीं होता तो मैं बिहार का मुख्यमंत्री नहीं बन पाता… इसलिए कोई गलतफहमी में मत रहिए."
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'व्यक्तिगत हमला करोगे तो…'
सम्राट चौधरी ने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी है जिसने मुझे नेता प्रतिपक्ष बनाया, दो बार डिप्टी सीएम बनाया, एक बार प्रदेश अध्यक्ष बनाया और अब सीएम बनाया. उन्होंने कहा कि जो अपने परिवार में अपनी बहन का सम्मान नहीं कर सकता वह दूसरे की बात कर रहा है, यह पूरा देश देख रहा है. व्यक्तिगत हमला करोगे तो व्यक्तिगत बातें सुननी होंगी. सम्राट ने कहा कि लालू यादव बड़े नेता हैं इसमें कोई दो राय नहीं है, लेकिन वह यदि अपने लिए नहीं जीते तो आज सभी लोग उनके साथ खड़े होते हैं.
आरजेडी ने सम्राट चौधरी को दिया जवाब
सम्राट चौधरी के इस बयान पर आरजेडी की ओर से पलटवार किया गया है. आरजेडी के विधायक आलोक मेहता ने कहा कि व्यक्तिगत आक्षेप नहीं लगाना चाहिए. जो घर के अंदर की चीज है उसे अंदर ही रहने देना चाहिए. हमारी डिग्री क्या है यह एक सार्वजनिक मसाला है. यह कोई परिवार का मसाला नहीं है, लेकिन सीएम ने कहा कि व्यक्तिगत आरोप लगाइएगा तो सुनना पड़ेगा, लेकिन डिग्री पर सवाल पूछना व्यक्तिगत नहीं होता.
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