बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति के अवसर पर चूड़ा-दही कार्यक्रम का अपना ही महत्व है. इसी क्रम में 14 जनवरी 2026 बुधवार को जनशक्ति जनता दल के नेता और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव के कार्यक्रम की चर्चा चहुंओर रही. वहीं जिन लालू प्रसाद यादव के यहां से ही मकर संक्रांति के अवसर पर चूड़ा दही कार्यक्रम की शुरुआत हुई, वहां सन्नाटा था.

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इस बीच लालू प्रसाद यादव के सहयोगियों में से एक शिवानंद तिवारी ने तेजस्वी यादव और तेज प्रताप को लेकर टिप्पणी की है. सोशल मीड़िया साइट फेसबुक पर उन्होंने लिखा कि आज मकर संक्रांति का दही चूड़ा भोज की राजनीति के रंग में डूबा हुआ है. इस रंग में कोई एक व्यक्ति सराबोर दिखाई दे रहा है तो उसका नाम तेज प्रताप है. तेजस्वी तो बिल्कुल ओझल हैं.

उन्होंने लिखा कि 10 नम्बर में सन्नाटा है. वही 10 नंबर जहाँ बिहार के कोने कोने से राजद कार्यकर्ता पहुंचते थे. दही चूड़ा तो बहाना होता था. असल तो नेताओं से देखा देखी होती थी. दरस परस और दण्ड़ प्रणाम होता था. सब यहाँ से नई ऊर्जा के साथ अपने इलाके में लौटते थे.

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'आज इसकी और ज्यादा जरूरत थी...'

उन्होंने लिखा कि आज इसकी और ज्यादा जरूरत थी. चुनाव नतीजे से पस्त कार्यकर्ताओं को दिलासा की जरूरत थी. उनको भविष्य के लिये उत्साहित करने की जरूरत थी. लेकिन जब नेता ही पस्त है. मैदान में कहीं नजर ही नहीं आ रहा है. ऐसे में भविष्य के लिए दल को कौन ऊर्जान्वित करेगा !

राजद के पूर्व नेता ने लिखा कि आज तेजस्वी गुम हैं. तेज प्रताप छाया हुआ है. जिन लोगों ने तेजस्वी को मुख्यमंत्री की शपथ के लिए तारीख तय करवा दिया था. इस रास्ते में तेज प्रताप को बड़ा अवरोध बता कर उसको निकाल बाहर किया था, पता नहीं वे लोग कहां हैं?

बता दें लालू यादव के आवास पर भी हर वर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर 10 सर्कुलर रोड पर चूड़ा दही का आयोजन होता था और उसमें तमाम लोग आते थे. हालांकि इस वर्ष ऐसा नहीं हुआ. जबकि तेज प्रताप यादव ने अपने आवास पर सभी को आमंत्रित किया था.