बिहार में बाल विकास परियोजना अधिकारियों (CDPO) ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है. राज्य के अलग-अलग जिलों और प्रखंडों से पहुंचे बड़ी संख्या में CDPO ने गुरुवार(20 अगस्त, 2026) को समाज कल्याण मंत्री श्वेता गुप्ता के आवास का घेराव किया. प्रदर्शनकारी लंबे समय तक मंत्री आवास के बाहर खड़े रहे और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई.
करीब एक घंटे बाद मंत्री श्वेता गुप्ता ने CDPO के प्रतिनिधिमंडल को मिलने के लिए बुलाया. प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपा.
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प्रमोशन नहीं मिलने से नाराज हैं CDPO
CDPO अधिकारियों की सबसे बड़ी मांग प्रमोशन को लेकर है. प्रदर्शन कर रहे अधिकारियों का कहना है कि राज्य में नियुक्ति के बाद उनका पूरा कार्यकाल CDPO पद पर ही निकल जाता है और इसी पद से वे रिटायर हो जाते हैं. CDPO का कहना है कि दूसरे विभागों में कर्मचारियों और अधिकारियों को कुछ वर्षों के बाद पदोन्नति मिल जाती है, लेकिन बाल विकास परियोजना अधिकारियों के साथ ऐसा नहीं हो रहा है. उन्होंने मांग की कि राज्यभर के CDPO को प्रमोशन देकर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) बनाया जाए.
अधिकारों में कटौती पर जताया विरोध
CDPO अधिकारियों ने प्रमोशन के अलावा अपने अधिकारों में कटौती का भी विरोध किया. उनका कहना है कि पहले उन्हें काम करने के लिए अधिक अधिकार प्राप्त थे, लेकिन समय के साथ उनके कई अधिकार कम कर दिए गए हैं. बिसपी प्रखंड के CDPO अहमद राजा खान ने कहा कि साल 2003, 2005, 2008 या किसी भी वर्ष लेवल-9 में CDPO के पद पर नियुक्त हुए अधिकारी आज भी उसी लेवल पर काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि दूसरे विभागों में अधिकारियों को आगे बढ़ने के अवसर मिलते हैं, लेकिन CDPO संवर्ग में वर्षों से प्रमोशन की समस्या बनी हुई है.
मंत्री से मिला आश्वासन, अधिकारियों में जगी उम्मीद
मंत्री श्वेता गुप्ता से मुलाकात के बाद CDPO प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि मंत्री ने उनकी मांगों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक आश्वासन दिया है. अहमद राजा खान ने कहा कि मंत्री का रवैया अधिकारियों के प्रति सकारात्मक रहा. हालांकि, मुलाकात के बाद मंत्री श्वेता गुप्ता ने मीडिया से बातचीत करने से परहेज किया और वहां से निकल गईं.
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी
CDPO अधिकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से प्रमोशन और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठा रहे हैं. उनका कहना है कि अगर सरकार उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लेती है तो आगे आंदोलन को तेज किया जा सकता है. फिलहाल मंत्री के आश्वासन के बाद CDPO अधिकारियों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर सरकार जल्द कोई सकारात्मक फैसला लेगी.
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