बिहार सरकार ने आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार (2 सितंबर 2026) को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में केंद्र सरकार के पशु प्रजनन नियंत्रण (ABC) नियम, 2023 को राज्य में लागू करने की मंजूरी दे दी गई. सरकार का दावा है कि इससे आवारा पशुओं की आबादी को मानवीय और वैज्ञानिक तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा.

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पशुपालन, मत्स्य एवं डेयरी विभाग के प्रस्ताव के मुताबिक, बिहार कृषि आधारित राज्य है और यहां पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका है. ABC नियम लागू होने के बाद पूरे प्रदेश में आवारा पशुओं की पहचान, पंजीकरण, बंध्याकरण और टीकाकरण के लिए एक समान मानक अपनाए जाएंगे.

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दो जिलों में खुलेंगे हीफर पालन केंद्र

कैबिनेट ने वित्त वर्ष 2026-27 में राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत दो हीफर पालन केंद्र स्थापित करने को भी मंजूरी दी है. एक केंद्र बक्सर के डुमरांव और दूसरा मुंगेर में खोला जाएगा. प्रत्येक केंद्र में 500 कम उम्र की गायों यानी हीफर का पालन किया जाएगा.

आधुनिक तकनीक से बढ़ेगा दूध उत्पादन

सरकार के मुताबिक, इन केंद्रों में आधुनिक प्रजनन तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा. इससे बेहतर नस्ल के दुधारू पशुओं की उपलब्धता बढ़ाने और राज्य में नस्ल सुधार कार्यक्रम को मजबूत करने में मदद मिलेगी. आगे चलकर दूध उत्पादन बढ़ने के साथ पशुपालकों की आय में भी वृद्धि होने की उम्मीद है.

शहरी विकास योजना की अवधि भी बढ़ी

मंत्रिमंडल ने ‘मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना’ की अवधि भी बढ़ाने को मंजूरी दी है. अब यह योजना 2026-27 के बजाय 2030-31 तक जारी रहेगी. इसका उद्देश्य राज्य के शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास को गति देना है. सरकार के इन फैसलों को पशुपालन और शहरी विकास दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

पीटीआई भाषा के इनपुट के साथ

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