राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री दिलीप जायसवाल मंगलवार (30 जून, 2026) को राजगीर पहुंचे. डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 125वें स्मरण पर्व पर आयोजित सम्मेलन में हिस्सा लिया. इस मौके पर उन्होंने युवाओं से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों को साकार करने का संकल्प लेने की अपील की. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विपक्ष पर भी जमकर हमला किया. दिलीप जायसवाल ने कुत्ता जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल कर दिया.
'अरे कमाता तो कुत्ता भी है…'
विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, "उनसे पूछिए कि कभी स्कूल भी बनवाए हैं क्या बिहार में? बोलेंगे नहीं, हां कमाए बहुत हैं. अरे कमाता तो कुत्ता भी है… अपना जिंदगी तो कुत्ता भी पाल लेता है…"
इतना कहते ही दिलीप जायसवाल ने कहा, "देखिए… अगर यहां कुत्ता का यूनियन होगा तो बुरा मान जाएगा… क्षमा कीजिएगा, कुत्ता कह दिया". इसके बाद जायसवाल कुत्ता जी कहकर संबोधित करने लगे. उन्होंने आगे कहा, "कुत्ता जी भी कमाते हैं, कुत्ता जी भी जिंदगी जीते हैं…" दिलीप जायसवाल के बयान पर सियासी बवाल शुरू हो सकता है.
'समाजसेवा करने वालों का सम्मान होना चाहिए'
दिलीप जायसवाल ने कहा कि कुछ लोग समाज में नेतागिरी करने चले आते हैं, ऐसे नेताओं का बहिष्कार करना चाहिए. उन्होंने दो टूक में कहा कि समाजसेवा करने वाले लोगों का सम्मान होना चाहिए.
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अपने संबोधन में मंत्री ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का भी जिक्र किया है. कहा कि 370 समाप्त होने के बाद कश्मीर में विकास का नया दौर शुरू हुआ है. युवाओं का रुझान अब शिक्षा की ओर बढ़ा है. उन्होंने आरोप लगाया कि पहले अलगाववाद और उग्रवाद को बढ़ावा दिया गया, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं. पाकिस्तान के युवाओं के हाथों में आज कलम और किताब नजर आता है.
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
दिलीप जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ राष्ट्रविरोधी ताकतें इन माध्यमों का इस्तेमाल देश को बदनाम करने के लिए कर रही हैं. उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा. आरोप लगाया कि राहुल गांधी में सत्ता को लेकर इतनी बेचैनी है कि वे सत्ता की राजनीति में राष्ट्रहित के खिलाफ बयान देते हैं.
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