बिहार विधान मंडल का आगामी मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा. यह सत्र 24 जुलाई तक चलेगा, जोकि इस बार भी पांच दिवसीय होगा. इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना रविवार को जारी कर दी जाएगी. इस बार का मानसून सत्र राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि पिछले 21 वर्षों में यह पहला मौका होगा जब विधानमंडल की कार्यवाही में नीतीश कुमार भाग नहीं लेंगे.
2025 में एनडीए की सरकार बनने के बाद से नीतीश कुमार 18 विधानसभा की कार्यवाही में शामिल रहे हैं. ऐसे में इस बार नीतीश कुमार की कमी सदन को खलने वाली है. हालांकि, इस बार सत्र में हंगामे के काफी आसार है. कई बड़े मुद्दों पर बहस होने की उम्मीद है और कई बड़े बिल पेश होने की भी उम्मीद है.
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सत्र हंगामेदार रहने के आसार
सत्र में भरत तिवारी एनकाउंटर, टेंडर घोटाला, महंगाई, भ्रष्टाचार, बढ़ते अपराध जैसे मुद्दों पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सरकार को घेरने की तैयारी में है. गौर हो कि सम्राट सरकार के लिए बहुमत परीक्षण के बाद सदन में उत्तर देने का यह पहला अवसर होगा. इस दौरान सरकार विकास कार्यों, वित्तीय प्रबंधन और नए विधायी एजेंडे के जरिए जवाब देने की तैयारी में है.
सत्र के पहले ही दिन सरकार अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) सदन में पेश करने की तैयारी कर रही है. इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण विधेयकों और वित्तीय प्रस्तावों को भी मानसून सत्र के दौरान पारित कराने की रणनीति बनाई गई है. कुल मिलाकर इस बार के सत्र में राजनीतिक ड्रामा देखने को मिल सकता है और कई बड़े मुद्दों पर चर्चा भी होगी. ऐसे में ये देखना दिलचस्प होगा सरकार कैसे विपक्ष के सवालों का जवाब देती है.
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