बिहार के भोजपुर में हुए भरत तिवारी (Bharat Tiwari) के एनकाउंटर (Encounter) को लगातार फर्जी बताया जा रहा है. घटना की न्यायिक जांच के बीच सोशल मीडिया पर अब एक वीडियो सामने आया है जिसमें एक व्यक्ति खुद को भरत तिवारी एनकाउंटर केस का चश्मदीद बताते हुए पूरी घटना की जानकारी दे रहा है कि कैसे उस दिन क्या कुछ हुआ था. उसका कहना है कि वह टाटी (झोपड़ी) से ही सब कुछ देख रहा था.

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'भरत तिवारी ने एक गोली ऊपर चलाई थी'

पूरा मामला बताते हुए सुनील चौधरी नाम के शख्स ने कहा, "भरत तिवारी ने एक गोली ऊपर (हवा में) चलाई थी. इसके बाद उसने पुलिस को कहा कि हथियार ले जाइए, लेकिन कोई पुलिस वाला डर से नहीं आ रहा था. इसके बाद भरत तिवारी ने पिस्टल को फेंक दिया, जिसके बाद पुलिस दौड़ गई… दौड़कर भरत तिवारी को पकड़ती है…"

…तो तीन गोली फिर मारी गई

एक व्यक्ति के पैर की तरफ इशारा करते हुए सुनील चौधरी ने आगे यह भी बताया कि कैसे भरत तिवारी को पुलिस ने पहले एक गोली मारी. सुनील ने कहा, "भरत तिवारी मरा नहीं था… हम लोग सोचे कि पैर में गोली मारी गई है तो डॉक्टर के पास ले जाकर इलाज कराया जाएगा... तो तीन गोली फिर मारी गई. हम सोचे कि पेट में तो गोली नहीं मार दी गई… सब कुछ सुनील चौधरी देख रहा था… लेकिन डर गया था… इसलिए क्योंकि नई-नई बस्ती है… हम नए गांव के हैं… इसलिए मैंने पहले ये सब बात नहीं बताई…" 

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'...नहीं तो हम भी पिस्टल उठा लेंगे'

चश्मदीद ने आगे कहा कि बोलेरो से जाते समय भरत तिवारी बाय-बाय कर रहा था. इधर ही भरत तिवारी का स्मारक बनाया जाएगा. शख्स ने आगे कहा कि भरत तिवारी गलत लड़का नहीं था. सही लड़का था. हम गरीबों के लिए धरती पर ऐसा लड़का पैदा होना चाहिए, नहीं तो हम भी पिस्टल उठा लेंगे.

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