भोजपुर जिले के शाहपुर में हुए बहुचर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर बिहार की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है. विपक्ष के साथ-साथ अब सत्ता पक्ष के नेता भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंच रहे हैं. लोजपा (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान के बाद, शुक्रवार को नीतीश सरकार में मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता अशोक चौधरी भी भरत तिवारी के परिजनों से मिलने उनके घर पहुंचे.

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परिजनों से मुलाकात के लिए रवाना होने से पहले पटना में मीडिया से बात करते हुए अशोक चौधरी ने इस पूरे मामले पर बेबाकी से अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और मर्माहत परिवार को ढांढस बंधाने के लिए जाना उनका फर्ज है. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि, "भरत तिवारी की कुछ बातें गलत थीं. चाहे हथियार असली हो या नकली, किसी भी पुलिस पदाधिकारी या अधिकारी को धमकाना कतई ठीक नहीं है."

इसके साथ ही चौधरी ने एनकाउंटर की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा, "मैं यह मानता हूं कि एनकाउंटर गलत तरीके से हुआ है. इस मामले की जांच चल रही है और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी."

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डीजीपी ने भी उठाए हैं सवाल

अशोक चौधरी ने बताया कि खुद राज्य के डीजीपी ने इस मामले में कड़े सवाल किए हैं कि घटनास्थल पर एसडीओ (SDO) क्या कर रहे थे. इसके अलावा डीएसपी (DSP) राजेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, जिनका मुजफ्फरपुर में मुकेश सहनी मामले में भी संदिग्ध रिकॉर्ड रहा है. इन सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच की जा रही है.

डीएसपी को निलंबित करने के बजाय दूसरी जगह पदस्थापित किए जाने पर विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए चौधरी ने कहा, "जब वह अभी पद पर हैं, तो सरकार उन्हें मुफ्त में बिठाकर सैलरी नहीं देगी, उनसे कहीं न कहीं काम तो लेना ही होगा. लेकिन जांच जारी है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा."

'पूरा बिहार हमारा परिवार है'

अपनी इस यात्रा के राजनीतिक मायने निकाले जाने पर अशोक चौधरी ने कहा, "मैं दलित समुदाय से आता हूं और अपने समाज को लेकर चलना मेरा दायित्व है, लेकिन हम सभी के नेता हैं. हमारे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का स्पष्ट मानना है कि 'पूरा बिहार मेरा परिवार है'. मैं जिस क्षेत्र से आता हूं, वहां सवर्णों (Upper Castes) की संख्या सबसे ज्यादा है. भरत तिवारी के मामले में जो भी हुआ, उससे परिवार मर्माहत है, इसलिए उनसे मिलना मेरा फर्ज बनता है."

इस दौरान अशोक चौधरी ने सम्राट चौधरी के कामकाज की भी जमकर तारीफ की और कहा कि वह अच्छा काम कर रहे हैं, हर मामले में बेवजह उन्हें दोषी ठहराना गलत है.

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