भागलपुर के विक्रमशिला पुल पर बनी बेली ब्रिज हटेगी. एक अक्टूबर से सीमांचल की लाइफलाइन विक्रमशिला सेतु पर लोगों का आना जाना बंद हो जाएगा. 30 सितंबर की मध्यरात्रि से ही वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी जाएगी. पुनर्स्थापन का कार्य होना है जिसके लिए तीन महीने तक का समय लग सकता है. 

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बेली ब्रिज को खोलने के लिए बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) की 80 सदस्यीय टीम भागलपुर पहुंच चुकी है. एक सप्ताह में बेली ब्रिज को हटाने का काम पूरा हो जाएगा. कुछ दिनों पहले ही सीएम सम्राट चौधरी भागलपुर पहुंचे थे. तब सीएम ने पुल के स्थायी पुनर्निर्माण और मरम्मत का काम तेजी से पूरा करने की बात कही थी.

मई में सेतु का गिरा था पिलर

जानकारी हो कि 3 मई 2026 की मध्यरात्रि को विक्रमशिला सेतु के एक पिलर (पिलर नंबर- 133) के आसपास कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर गंगा नदी में गिर गया था. प्रशासन की तत्परता के कारण हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई थी. हादसे के बाद पुल पर आवागमन ठप हो गया. इसके चलते भागलपुर से नवगछिया, कोसी और सीमांचल की कनेक्टिविटी पर बड़ा असर पड़ा था.

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लोगों की परेशानी को देखते हुए बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन यानी BRO को क्षतिग्रस्त हिस्से पर वैकल्पिक बेली ब्रिज तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी. मई में युद्धस्तर पर इसका निर्माण कराया गया. करीब एक महीने के भीतर बेली ब्रिज को बनाकर तैयार कर दिया गया था. 7 जून 2026 से छोटे वाहन चलने लगे, लेकिन अब यह अस्थायी व्यवस्था भी समाप्त होने जा रही है.

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एक अक्टूबर से बेली ब्रिज हटाकर विक्रमशिला सेतु के स्थायी पुनर्स्थापन का काम शुरू होगा. पुल के क्षतिग्रस्त हिस्सों के पुनर्निर्माण के साथ-साथ जरूरी सुपर स्ट्रक्चर, बेयरिंग और एक्सपेंशन ज्वाइंट से जुड़े काम किए जाने हैं. 

करना होगा वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल

बेली ब्रिज से लोगों को थोड़ी राहत मिली थी लेकिन अब वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करना होगा. इसके साथ ही प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी कि त्योहारों और बढ़ते आवागमन के बीच लोगों को सुरक्षित और सुगम वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराया जाए.

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