बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नवीन राज्यसभा के सदस्य हो गए हैं जिसके चलते पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट खाली हो गई है. जल्द ही इस सीट पर उपचुनाव होगा. चुनाव के ऐलान से पहले राजनीतिक दलों की तैयारी शुरू हो गई है. प्रशांत किशोर ने भी कहा है कि जन सुराज भी यहां से चुनाव लड़ेगा. चाहे कोई भी लड़े लेकिन यह सीट बीजेपी की रही है तो सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस बार भारतीय जनता पार्टी यहां से किसे मौका देगी?

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सियासी गलियारे में कई नामों की चर्चा हो रही है उसमें से एक रितु जायसवाल का भी है. इसके कई कारण हैं. कभी लालू की पार्टी में रहीं रितु जायसवाल हाल ही में बीजेपी में शामिल हुई हैं. हालांकि प्रत्याशियों के नाम पर अभी बीजेपी के नेता बोलने से बच रहे हैं.

क्या कहते हैं राजनीतिक जानकार?

बीजेपी की ओर से भले कोई कुछ नहीं कह रहा है लेकिन सियासी गलियारे में बहुत कुछ चर्चा है. राजनीतिक जानकार इसको कैसे देख रहे हैं इसके लिए वरिष्ठ पत्रकार संतोष कुमार से बात की गई. सवाल किया गया कि क्या रितु जायसवाल को बीजेपी बांकीपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव में उम्मीदवार बना सकती है? संतोष कुमार ने कहा, "चर्चा ऐसी जोरों पर चल रही है, लेकिन उम्मीद कम है."

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संतोष कुमार ने कहा, "रितु जायसवाल ऐसे समय में आई हैं जब बांकीपुर में विधानसभा का उपचुनाव है. पहले से जो देखा गया है बीजेपी कार्यकर्ताओं को ज्यादा तरजीह देती है. पटना कायस्थ बहुल इलाका है. बांकीपुर और कुम्हरार में हमेशा से कायस्थ विधायक ही रहे हैं, लेकिन 2025 में कुम्हरार से पुराने कार्यकर्ता संजय गुप्ता को टिकट दिया गया जो वैश्य  समाज से आते हैं. हालांकि वह चुनाव जीत गए. अब सिर्फ एक सीट बांकीपुर कायस्थ के लिए बची है. ऐसे में बीजेपी कायस्थ को नाराज नहीं कर सकती है. उम्मीद की जा रही है कि किसी कायस्थ समाज से ही उम्मीदवार हो सकता है."

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अब समीकरण के हिसाब से समझिए…

अगर जातीय समीकरण से समझा जाए तो इस विधानसभा में सबसे अधिक कायस्थ वोटर हैं. नए परिसीमन के पहले इसका नाम पश्चिमी पटना विधानसभा सीट था जहां से लंबे समय से नीतिन नवीन के पिता नवीन किशोर बीजेपी के टिकट से चुनाव जीतते रहे. 2006 में उनके निधन के बाद नितिन नवीन चुनाव लड़ते रहे. 2025 में भी वह जीते थे. कायस्थ वोटर के बाद इस क्षेत्र में वैश्य समाज की अच्छी संख्या है. इसके अलावा राजपूत, भूमिहार, कोयरी और एससी/एसटी की भी संख्या है. 2025 के चुनाव में बांकीपुर विधानसभा से नितिन नवीन को 98,299 वोट मिले थे. आरजेडी से वैश्य समाज से आने वाली रेखा कुमारी को 46,363 वोट मिले थे. 

अब बात अगर रितु जायसवाल की करें तो दमदार नेता हैं. 2020 के बिहार विधानसभा चुनावों में रितु जायसवाल आरजेडी के टिकट पर परिहार से चुनाव लड़ीं लेकिन 1,549 वोटों के मामूली अंतर से हार गईं. 2024 में आरजेडी ने उन्हें शिवहर लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया. यहां वे 29,143 वोटों के अंतर से हार गईं. दो बार चुनाव हारने पर आरजेडी ने 2025 में उन्हें टिकट नहीं दिया तो वे निर्दलीय ही परिहार से लड़ीं और दूसरे नंबर पर रहीं. रितु जायसवाल को 65,455 वोट मिले थे. आरजेडी की प्रत्याशी स्मिता गुप्ता तीसरे स्थान पर चली गईं और उन्हें 48,534 वोट मिल पाया था.

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