पटना की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव का दौर जारी है. इस बीच जन सुराज के सूत्रधार और बांकीपुर के उपचुनाव उम्मीदवार प्रशांत किशोर का विवादित पोस्टर लगाया गया है. इस पोस्टर में लिखा है, "केसी सिन्हा तो झांकी है, जमानत जब्त होना अभी बाकी है."

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इसके साथ ही पोस्टर में प्रशांत किशोर को मुस्लिम टोपी लगाए हुए दिखाया गया है. वहीं प्रशांत किशोर के हाथ में नोट की गद्दी दिखाई गई है और लिखा गया है वोट नहीं नोट चाहिए. इसके अलावा जनसुराज का नाम बदलकर 'धन सुराज' लिखा गया है. इस पोस्टर को बांकीपुर की जनता की तरफ से लगाया गया है.

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चर्चा का विषय बना प्रशांत किशोर का पोस्टर

इस पोस्टर के जरिए जनसुराज के सूत्रधार पर वोट काटने का आरोप लगाया गया है. साथ ही उनकी जमानत जब्त होने का दावा किया गया है. प्रशांत किशोर को मुस्लिम टोपी लगाकर मुसलमानों का नेता होने की ओर इशारा किया गया है. फिलहाल यह पोस्टर बांकीपुर उपचुनाव से के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. 

बांकीपुर में कब होगी वोटिंग?

बता दें को नितिन नवीन के बांकीपुर विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद यह उपचुनाव हो रहा है. बीजेपी अध्यक्ष ने राज्यसभा सदस्य के रूप में चुने जाने के बाद विधायक पद छोड़ा था. वे बांकीपुर से लगातार चार बार विधायक रहे है. 30 जुलाई को बांकीपुर उपचुनाव के लिए मतदान होगा. इसको लेकर चुनाव प्रचार-प्रसार जोर-शोर से चल रहा है.

जनसुराज को चुनाव से पहले लगा झटका

बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले जन सुराज पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के.सी. सिन्हा और रितेश रंजन उर्फ बिट्टू सिंह समेत कई नेताओं ने बुधवार (15 जुलाई) को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सदस्यता ग्रहण कर ली.

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने सभी नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाते हुए उनका स्वागत किया. जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर खुद बांकीपुर उप चुनाव से चुनावी मैदान में उतरे हैं. के.सी. सिन्हा पिछले विधानसभा चुनाव में कुम्हरार सीट से जन सुराज के अधिकृत प्रत्याशी रहे थे.

वहीं रितेश रंजन सिंह उर्फ बिट्टू सिंह ने दीघा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था. दोनों नेताओं का अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभाव माना जाता है. ऐसे में बांकीपुर उपचुनाव से ठीक पहले इन नेताओं का बीजेपी में शामिल होना जन सुराज के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. 

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