बिहार के बांका जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां सात जन्मों का साथ निभाने का वादा करने वाली पत्नी ही अपने पति की कातिल बन गई. सुईया थाना क्षेत्र के बेरघनिया जंगल में 25 दिसंबर को मिली सिर कटी लाश की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. 

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इस ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने खुलासा किया है कि मृतक की पत्नी ने ही अपने प्रेमी और सहयोगियों के साथ मिलकर इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया था.

बेरघनिया जंगल में मिली थी बिना सिर वाली लाश

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पुलिस अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बीते 25 दिसंबर को सुईया पुलिस को बेरघनिया के जंगल में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था. कातिलों ने पहचान छिपाने के लिए मृतक का सिर धड़ से अलग कर दिया था. 

पुलिस के लिए शव की शिनाख्त करना बेहद चुनौतीपूर्ण था. पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद मृतक की पहचान बेलहर थाना क्षेत्र के निवासी सुबोध कुमार सिंह के रूप में की. पहचान होते ही पुलिस की जांच की दिशा बदल गई.

​पति बन रहा था प्यार में रोड़ा, तो रच दी खौफनाक साजिश

पहचान होने के बाद पुलिस की तकनीकी सेल और वैज्ञानिक अनुसंधान की टीम ने जब कड़ियां जोड़नी शुरू कीं, तो शक की सुई मृतक की पत्नी अर्चना कुमारी पर जा टिकी. पुलिस की सख्ती के सामने अर्चना टूट गई और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया. 

जांच में सामने आया कि अर्चना का मनोज यादव नामक युवक के साथ लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था. पति सुबोध उनके अवैध संबंधों में बाधा बन रहा था. उसे रास्ते से हटाने के लिए अर्चना ने प्रेमी मनोज और एक साथी छोटन चौधरी के साथ मिलकर हत्या का पूरा प्लान तैयार किया.

धोखे से बुलाया और रेत दिया गला

साजिश के तहत, आरोपियों ने सुबोध को बहला-फुसलाकर सुनसान जंगल में बुलाया. वहां मौका मिलते ही तीनों ने मिलकर धारदार हथियार से सुबोध का गला रेत दिया, ताकि पुलिस को मृतक की पहचान न मिल सके, इसलिए उन्होंने सिर को धड़ से अलग कर दिया और मौके से फरार हो गए.

​तीन गिरफ्तार, हथियार भी बरामद

पुलिस ने वैज्ञानिक जांच के आधार पर न केवल हत्यारों की पहचान की, बल्कि उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया धारदार हथियार, एक मोटरसाइकिल, 3 मोबाइल और सिम कार्ड भी बरामद कर लिए. पुलिस ने मुख्य आरोपी पत्नी अर्चना कुमारी, प्रेमी मनोज यादव और सहयोगी छोटन चौधरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

इस पुलिस टीम ने सुलझाई गुत्थी

इस अंधे कत्ल के सफल उद्भेदन और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गठित छापेमारी दल में कई तेज-तर्रार पुलिस अधिकारी शामिल थे. 

टीम में बेलहर एसडीपीओ रविंद्र मोहन प्रसाद, कटोरिया पुलिस इंस्पेक्टर मनीष कुमार, बेलहर थानाध्यक्ष राज कुमार, तकनीकी शाखा के पुलिस निरीक्षक राजेश कुमार, सुईया थानाध्यक्ष कन्हैया कुमार, जिलेबिया मोड़ थानाध्यक्ष राजू कुमार ठाकुर और खेसर थानाध्यक्ष सुप्रिया कुमारी समेत अन्य पुलिस कर्मी शामिल रहे. 

बांका एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा ने इस सफल उद्भेदन के लिए एसडीपीओ रविंद्र मोहन प्रसाद समेत पूरी पुलिस टीम की सराहना की है.