औरंगाबाद जिले के ओबरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मंझियावां गांव में कल रात (14 मार्च) एक शादी समारोह के दौरान एक बेहद दर्दनाक और बड़ा हादसा हो गया.. यहां खुशी के माहौल में जयमाला के समय अचानक एक पोर्टिको (छज्जा) भरभराकर गिर गया. इस हादसे में मलबे के नीचे दबने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 25 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. इस हृदयविदारक घटना ने पल भर में ही शादी के मंगल गीतों को चीख-पुकार और मातम में बदल दिया.

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मिली जानकारी के अनुसार, मंझियावां गांव के रहने वाले रामव्यास सिंह की बेटी की बारात आई हुई थी और चारों तरफ खुशी का माहौल था. जयमाला के कार्यक्रम के दौरान काफी संख्या में महिलाएं इसे देखने के लिए घर के बगल में बने पोर्टिको पर चढ़ गई थीं. अत्यधिक भीड़ और क्षमता से ज्यादा वजन होने के कारण पोर्टिको यह भार सह नहीं सका और अचानक टूटकर नीचे गिर पड़ा. दुर्भाग्यवश, पोर्टिको के ठीक नीचे अखिलेश्वर यादव और सत्यनारायण सिंह बैठे हुए थे, जो भारी मलबे की चपेट में आ गए.

राहत-बचाव और घायलों की स्थिति

हादसा होते ही समारोह में अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों ने तुरंत मलबा हटाकर रेस्क्यू शुरू किया और ओबरा पुलिस को इसकी सूचना दी. सभी घायलों को आनन-फानन में ओबरा और औरंगाबाद के विभिन्न अस्पतालों में ले जाया गया. वहां जांच के बाद चिकित्सकों ने अखिलेश्वर और सत्यनारायण को मृत घोषित कर दिया. अन्य 25 घायलों में से कुछ की स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है.

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दुल्हन के भाई थे दोनों मृतक

बताया जाता है कि दोनों मृतक रिश्ते में दुल्हन के भाई थे. अखिलेश्वर यादव धनबाद के चिरकुंडा स्थित कल्याण चक कोलियरी में सिविल ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे. उनके परिवार में दो बेटियां और एक बेटा है, जिनमें एक बेटी की शादी हो चुकी है. वहीं, दूसरे मृतक सत्यनारायण यादव पेशे से किसान थे. उनके भी दो बेटियां और एक बेटा है, और उन्होंने अपने तीनों बच्चों की शादी कर दी थी.

इस अप्रत्याशित घटना से पूरे गांव का माहौल गमगीन है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. घटना के वक्त मौके पर मौजूद ओबरा के पूर्व विधायक बीरेंद्र सिंह के पुत्र व सामाजिक कार्यकर्ता कुणाल प्रताप तथा तेजपुरा पंचायत के सरपंच अभिमन्यु यादव ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है.