मोकामा से जेडीयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने बीते दिनों ये मांग की थी कि शराबबंदी खत्म होनी चाहिए. उन्होंने दलील दी थी कि शराबबंदी की वजह से युवाओं को दूसरे नशों की लत लग गई है. अनंत सिंह ने यहां तक कहा था कि वो इस मुद्दे पर बिहार के नए सीएम सम्राट चौधरी से बात करेंगे. उनके बयान पर जब जेडीयू के सीनियर नेता और डिप्टी सीएम विजय चौधरी से प्रतिक्रिया पूछी गई तो गुरुवार (23 अप्रैल) को उन्होंने कहा, 'अनंत सिंह पार्टी हैं? वो उनकी व्यक्तिगत राय है.'

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विजय चौधरी ने कहा बिहार जेडीयू के अध्यक्ष उमेश कुशावाह की ओर इशारा करते हुए कहा, "आज अगर हमासे उमेश कुशावाह कुछ बोलते हैं तो ये पार्टी के अध्यक्ष के तौर पर बोलते हैं. कुछ बात इनकी व्यक्तिगत राय होगी, जो ये बोलेंगे तो कह देंगे कि मेरी व्यक्तिगत राय है. आप लोगों (मीडिया) को भी ये समझना चाहिए."

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5 अप्रैल 2016 को बिहार में लागू हुआ था शराबबंदी कानून

बता दें कि बिहार में 5 अप्रैल 2016 को शराबबंदी कानून लागू किया गया था. तब महागठबंधन की सरकार थी. आरजेडी और कांग्रेस के साथ मिलकर तत्कालीन सीएम नीतीश कुमार ने बिहार में शराबबंदी कानून को लागू किया था. इस फैसले को महिलाओं से जोड़कर देखा गया. लेकिन बीते कुछ समय में चाहे अनंत सिंह हो, एनडीए में शामिल जीतन राम मांझी की पार्टी हो या विपक्ष हो, शराबबंदी कानून में संसोधन की मांग उठी है. 

किसी नीति को मंत्रिमंडल के विस्तार या घटाव से क्या मतलब?

डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने आगे कहा, "शराब जो बंद हुआ उसमें किस पार्टी का समर्थन नहीं है? शराब की किसी भी नीति को मंत्रिपरिषद के विस्तार या विस्तार नहीं होने से क्या लेना देना है? किसी नीति को सरकार और मंत्रिपरिषद के विस्तार या घटाव से क्या मतलब है? मंत्रिमंडल का विस्तार होता है तो सरकार की नीति बदलती है?" 

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