Bihar News: बिहार के सीएम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) लंबे समय तक अपनी पार्टी जेडीयू (JDU) के बड़े फैसले लेते आए हैं. राजनीतिक पार्टियों में यह रिवाज रहा है कि वह दूसरी श्रेणी के नेतृत्व का निर्माण करती है ताकि उन्हें आने वाले समय में बड़ी जिम्मेदारियों के लिए तैयार किया जा सके. ऐसे में जेडीयू में वे कौन बड़े नेता हैं जो आगे नीतीश कुमार की सियासी विरासत को आगे बढ़ा सकें? इसको लेकर बिहार की जनता के बीच सर्वे किया गया. यह त्वरित सर्वे एबीपी के लिए सीवोटर ने किया है.
सर्वे में लोगों के सामने चार विकल्प रखे गए थे. ललन सिंह, मंत्री अशोक चौधरी, राज्यसभा सांसद रामनाथ ठाकुर और मंत्री संजय झा का विकल्प रखा गया था. इनमें से 12 प्रतिशत लोगों ने माना कि अशोक चौधरी, नीतीश कुमार की विरासत को बढ़ा सकते हैं जबकि 17 फीसदी लोगों का कहना था कि मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह यह जिम्मेदारी निभा सकते हैं. वहीं सात फीसदी लोग रामनाथ ठाकुर के पक्ष में खड़े दिखे. वहीं सबसे कम भरोसा संजय झा के लिए दिखाया गया. केवल छह फीसदी ने माना कि वह नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत आगे ले जा सकते हैं. हैरानी की बात यह है कि 44 फीसदी को लगता है कि इनमें से कोई भी नीतीश की विरासत आगे नहीं बढ़ा सकते. वहीं 14 फीसदी ने अपना जवाब 'पता नहीं' में दिया.
नीतीश की सियासी विरासत को जेडीयू में कौन आगे बढ़ा सकता है ?ललन सिंह-17 फीसदीअशोक चौधरी-12 फीसदीरामनाथ ठाकुर-7 फीसदीसंजय झा-6 फीसदीइनमें से कोई नहीं-44 फीसदीपता नहीं-14 फीसदी
नीतीश के करीबी रामनाथ ठाकुर के नाम पर चल रही यह चर्चाललन सिंह फिलहाल राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं लेकिन उनके इस्तीफे की अटकलें चल रही हैं जिसे जेडीयू ने खारिज भी किया है. रामनाथ ठाकुर पूर्व सीएम कर्पूरी ठाकुर के बेटे हैं. वह नीतीश कुमार के करीबी भी माने जाते हैं. अशोक चौधरी राज्य के भवन निर्माण मंत्री हैं. जबकि संजय कुमार झा विधान पार्षद हैं. वह डब्ल्यूआरडी और आईपीआरडी मंत्री हैं. वह जेडीयू के महासचिव भी हैं.
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