Bihar News: 16वें वित्त आयोग की 12 सदस्यीय टीम तीन दिवसीय बिहार दौरे पर है. 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया के नेतृत्व में टीम बुधवार को पटना पहुंची थी. आयोग की टीम के दौरे का आज (शुक्रवार) बिहार में अंतिम दिन है. आज वित्त आयोग की टीम मधुबनी जाएगी और वहां पंचायत सरकार भवन का निरीक्षण करेगी. इसके बाद मिथिल हाट में रात्रि विश्राम करेगी.

राज्य सरकार ने 16वें वित्त आयोग के समक्ष बीते गुरुवार (20 मार्च, 2025) को पटना में अपनी कई मांगों को रखा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी के साथ अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया एवं अन्य टीम की बैठक हुई. इसकी जानकारी अरविंद पनगढ़िया ने मीडिया को दी.

बैठक में नीतीश सरकार ने 16वें वित्त आयोग के सामने कई मांगों की एक पूरी लिस्ट रख दी. इसमें बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के साथ ही 1 लाख 79 करोड़ रुपये के तात्कालिक अनुदान की मांग की गई. बिहार ने केंद्रीय करों की हिस्सेदारी में राज्यों का हिस्सा भी बढ़ाने की मांग की है.

'आयोग का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा'

मीडिया से बातचीत के दौरान अरविंद पनगढ़िया ने विशेष राज्य के दर्जे पर दो टूक जवाब देते हुए कहा कि यह यह संविधान संशोधन की बात है जो केंद्र सरकार के अधीन है. केंद्र सरकार अगर संविधान संशोधन करके करती है तो इसमें आयोग का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा. यह आयोग के बस की बात नहीं है. इसके लिए केंद्र सरकार को पार्लियामेंट में लाना होगा और मुझे इस पर उम्मीद पूरी कम दिख रही है.

31 अक्टूबर 2025 को आएगी रिपोर्ट

उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग में आबादी के क्राइटेरिया के हिसाब से जो राज्य का शेयर 10%  होता है वह दिया जाता है. 15वें वित्त आयोग में बिहार को 10% दिया गया था और अभी भी बिहार सरकार ने जो लिस्ट दी है उसमें भी 10% ही दिया गया है, लेकिन बिहार सरकार ने एक नया क्राइटेरिया दिया है कि मल्टी डाइमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्स (एमपीआई) भी यूज किया जाए. अगर यह यूज किया जाता है तो इसका फायदा बिहार को आबादी से भी ज्यादा होगा. इसलिए करीब 17.5% वर्जन देने के लिए बिहार सरकार ने एमपीआई को रखा है. उन्होंने कहा कि इसकी रिपोर्ट 31 अक्टूबर 2025 को आएगी. सभी बिंदुओं को हम लोग देख रहे हैं.

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