अक्सर फीफा जैसे बड़े टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों को सोशल मीडिया पर ट्रोल्स, गाली-गलौज और नफरत भरी टिप्पणियों का सामना करना पड़ता है. प्रदर्शन जैसा भी हो फिर चाहे वो खराब हो या अच्छा खिलाड़ी अक्सर दुर्व्यवहार का निशाना बन जाते हैं. इसी समस्या से बचने के लिए फीफा ने वर्ल्ड कप 2026 से पहले अपनी एआई आधारित सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने का बड़ा फैसला लिया है, जिससे की खिलाड़ियों को आने वाले समय में कोई भी तरह की ट्रोलिंग या फिर गाली-गलौज का सामना ना करना पड़े.
जानकारी के लिए बता दें कि ये नई तकनीक खिलाड़ियों और टीमों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर आने वाली अपमानजनक दुर्व्यवहार और टिप्पणियों की पहचान कर उन्हें खुद ही छिपा देगी, ताकि खिलाड़ियों को ऑनलाइन उत्पीड़न से बचाया जा सके.
अब बहुत से लोगों के मन में ये ख्याल आ रहा होगा कि आखिर ये नया एआई अप्डेट काम कैसे करेगा ? इस सवाल का जवाब काफी आसान है सबसे पहले खिलाड़ियों और टीमों के सोशल मीडिया अकाउंट्स को इस सिस्टम से जोड़ा जाएगा ताकि एआई हर आने वाले टिप्पणी और संदेश पर नजर रख सके. यदि मान लीजिए कि किसी भी पोस्ट के नीचे किसी ने गाली-गलौज, धमकी या अन्य अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया है, तो ऐसे सिस्टम तुरंत उसे पहचानकर सार्वजनिक रूप से दिखने से रोक देगा.
ये एआई न सिर्फ गलत भाषा हटाने का काम करेगा, बल्कि इसे ऐसा बनाया गया है कि यह निगरानी भी रख सकेगा. बता दें कि नई व्यवस्था के तहत बार-बार आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने वाले अकाउंट्स पर भी नजर रखी जाएगी. यहां तक कि जरूरत पड़ने पर ऐसे मामलों की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी जा सकती है, ताकि ऑनलाइन दुर्व्यवहार को नियंत्रित किया जा सके.
फीफा को भरोसा है कि एआई की मदद से ऑनलाइन माहौल को पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षित और सकारात्मक बनाया जा सकेगा.
