टेस्टक्रिकेट में बल्लेबाज को लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहना पड़ता है. कई बार बल्लेबाज पूरे दिन बल्लेबाजी करते हैं और सैकड़ों गेंदों का सामना करते हैं. लेकिन एक ही पारी में 500 या उससे ज्यादा गेंद खेलना बेहद मुश्किल काम है. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कुछ ही बल्लेबाजों ने ऐसा किया है. इस खास लिस्ट में भारत के चेतेश्वर पुजारा का नाम भी शामिल है.
पुजारा ने खेलीं 525 गेंदें
भारत के लिए लंबे समय तक टेस्ट क्रिकेट में दीवार बने चेतेश्वर पुजारा ने 2017 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रांची टेस्ट में यह खास रिकॉर्ड बनाया था. पुजारा ने उस मैच की पारी में 525 गेंदों का सामना किया और 202 रन बनाए. उन्होंने क्रीज पर घंटों बिताए और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का जमकर सामना किया. भारतीय बल्लेबाजों की बात करें तो पुजारा अकेले ऐसे बल्लेबाज हैं, जिन्होंने एक टेस्ट पारी में 500 से ज्यादा गेंद खेली हैं.
ब्रायन लारा ने दो बार किया कारनामा
वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा ने एक टेस्ट पारी में 500 से ज्यादा गेंद खेलने का कारनामा दो बार किया. लारा ने एक पारी में 582 गेंदों का सामना करते हुए 400 रन बनाए थे. यह टेस्ट क्रिकेट की सबसे यादगार पारियों में से एक है. इसके अलावा उन्होंने एक और पारी में 538 गेंद खेलकर 375 रन बनाए. लारा की इन दोनों पारियों से पता चलता है कि वह सिर्फ बड़े शॉट लगाने वाले बल्लेबाज नहीं थे, बल्कि जरूरत पड़ने पर घंटों क्रीज पर टिककर बल्लेबाजी भी कर सकते थे.
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लियोनार्ड हटन ने खेलीं 847 गेंदें
टेस्ट क्रिकेट की एक पारी में सबसे ज्यादा गेंद खेलने का रिकॉर्ड इंग्लैंड के लियोनार्ड हटन के नाम है. उन्होंने 1938 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक पारी में 847 गेंदों का सामना किया था. हटन ने इस पारी में 364 रन बनाए. उन्होंने अकेले करीब 141 ओवर तक बल्लेबाजी की. आज तक कोई दूसरा बल्लेबाज एक टेस्ट पारी में 800 या उससे ज्यादा गेंद नहीं खेल पाया है.
कई दिग्गजों ने पार किया 500 का आंकड़ा
गैरी कर्स्टन, सनथ जयसूर्या और ब्रायन लारा जैसे कई बड़े बल्लेबाज भी टेस्ट की एक पारी में 500 से ज्यादा गेंद खेल चुके हैं. इन पारियों में बल्लेबाजों ने सिर्फ रन नहीं बनाए, बल्कि लंबे समय तक क्रीज पर टिककर अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. इस लिस्ट में पुजारा का नाम इसलिए खास है, क्योंकि उन्होंने भारतीय क्रिकेट के लिए टेस्ट में कंसिस्टेंसी और लंबी बल्लेबाजी की एक अलग पहचान बनाई.
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