मुरली श्रीशंकर ने भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में एक और अध्याय जोड़ दिया जब वह राष्ट्रमंडल खेलों में लंबी कूद स्पर्धा में रजत पदक के साथ लगातार दो पदक जीतने वाले पहले खिलाड़ी बन गए और घुटने की चोट से दो साल जूझने के बावजूद उन्होंने शानदार वापसी की.

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बर्मिंघम 2022 में रजत पदक जीतने वाले 27 वर्षीय श्रीशंकर ने इस बार 8.09 मीटर की सर्वश्रेष्ठ कूद लगाकर एक और रजत पदक अपने नाम किया. यह उपलब्धि उनके लिए इसलिए भी खास रही क्योंकि पिछले साल गंभीर घुटने की चोट के बाद उनके करियर पर संकट के बादल मंडरा रहे थे.

श्रीशंकर से पहले इस स्पर्धा में भारत के लिए केवल सुरेश बाबू (पुरुष कांस्य, 1978), अंजू बॉबी जॉर्ज (महिला कांस्य, 2002) और एम प्रजुषा (महिला रजत, 2010) ही पदक जीत पाए थे.

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श्रीशंकर ने कहा ,‘‘ मैं बहुत खुश हूं कि इन खेलों में भाग ले रहा हूं. विश्व स्तर पर फिर भारत के लिये खेलकर काफी खुशी महसूस कर रहा हूं. दो साल पहले मुझे लगा नहीं था कि ग्लास्गो में खेल पाऊंगा.’’

स्वर्ण पदक नहीं जीत पाने की निराशा हालांकि उनकी बातों में नजर आई. उन्होंने कहा ,‘‘ मैं बर्मिंघम के रजत को स्वर्ण में बदलना चाहता था. अपने प्रदर्शन से खुश नहीं हूं और लगातार बेहतर करने का प्रयास करता रहूंगा.’’ उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे अपनी तकनीक पर काम करना होगा लेकिन इस पदक से एशियाई खेलों के लिये मेरा आत्मविश्वास बढेगा.’’

जमैका के पूर्व विश्व चैंपियन ताजे गेले ने 8.15 मीटर की कूद के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि मेजबान स्कॉटलैंड के स्टीफन मैकेंजी ने 8.08 मीटर की छलांग लगाकर कांस्य पदक हासिल किया.

यह पदक श्रीशंकर के लिए इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि अप्रैल 2024 में उनके घुटने की ‘पैटलर टेंडन’ फट गई थी. इसके बाद उन्हें सर्जरी करानी पड़ी और वह पेरिस ओलंपिक में हिस्सा नहीं ले सके. उस समय उनके करियर में वापसी को लेकर भी सवाल उठने लगे थे.

हालांकि, श्रीशंकर ने शानदार वापसी करते हुए इन आशंकाओं को गलत साबित कर दिया. अपने दूसरे राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा ले रहे श्रीशंकर ने पहले प्रयास में 8.03 मीटर की कूद लगाई. दूसरे प्रयास में उन्होंने 8.09 मीटर का प्रदर्शन कर बढ़त बना ली.

हालांकि यह बढ़त ज्यादा देर नहीं रही. जमैका के ताजे गेले ने 8.15 मीटर की कूद लगाकर पहला स्थान हासिल कर लिया. इसके बाद श्रीशंकर के तीसरे और चौथे प्रयास फाउल रहे. पांचवें प्रयास में उन्होंने 7.94 मीटर की कूद लगाई.

यह पदक इस सत्र में उनके लगातार शानदार प्रदर्शन का भी प्रमाण है. श्रीशंकर इस साल लगातार आठ मीटर से अधिक की कूद लगाते रहे हैं. उन्होंने भुवनेश्वर में आयोजित राष्ट्रीय अंतरराज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 8.38 मीटर के प्रयास से सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था. इसी प्रतियोगिता में भारत के दूसरे खिलाड़ी लोकेश सत्यनाथन ने पहले प्रयास में 7.97 मीटर की कूद लगाई और पांचवें स्थान पर रहे.

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