पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं. हाल ही में उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी पर गंभीर टिप्पणी की थी, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उन्होंने अपने ही बयान से यू-टर्न ले लिया.

Continues below advertisement

दरअसल, ABP न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान शोएब अख्तर ने मोहसिन नकवी को "अयोग्य" और "अनपढ़" तक कह दिया था. उनके इस बयान ने पाकिस्तान क्रिकेट में हलचल मचा दी. हालांकि अगले ही दिन जब वे पाकिस्तान के एक न्यूज चैनल पर एक्सपर्ट के तौर पर नजर आए, तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनका इशारा मोहसिन नकवी की तरफ नहीं था, बल्कि वह पाकिस्तान क्रिकेट सिस्टम की बड़ी समस्याओं की बात कर रहे थे.

बयान पर सफाई देते हुए क्या बोले अख्तर?

Continues below advertisement

पाकिस्तानी चैनल पर शोएब अख्तर ने कहा कि उनके शब्दों को गलत तरीके से पेश किया गया. उन्होंने दावा किया कि "अयोग्य" और "अनपढ़" जैसे शब्द किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं थे, बल्कि क्रिकेट प्रशासन में मौजूद कमियों की ओर इशारा कर रहे थे. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मोहसिन नकवी पाकिस्तान क्रिकेट की मदद करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें सही सलाह नहीं मिल रही.

हालांकि, अख्तर ने यह भी माना कि वह नकवी से नाराज जरूर हैं. उनका गुस्सा टी20 वर्ल्ड कप के दौरान भारत के खिलाफ बहिष्कार के फैसले पर यू-टर्न लेने को लेकर है. अख्तर का कहना है कि पूरे क्रिकेट समुदाय ने उस फैसले का समर्थन किया था, लेकिन बाद में उन्होंने अपना फैसला बदल लिया.

बाबर और शाहीन की फिटनेस पर भी उठाए सवाल

अपने इस इंटरव्यू के दौरान अख्तर ने टीम के स्टार खिलाड़ियों बाबर आजम और शाहीन अफरीदी के प्रदर्शन पर भी सवाल खड़े किए. उनका मानना है कि शाहीन फिलहाल पूरी तरह फिट नहीं हैं और उनकी गेंदबाजी में पहले जैसी रफ्तार नहीं दिख रही है.

वहीं बाबर आजम को लेकर उन्होंने कहा कि यह टी20 फॉर्मेट उनके लिए पूरी तरह अनुकूल नहीं है. अगर उन्हें टीम में रखना है तो बतौर ओपनर ही खिलाया जाना चाहिए, क्योंकि मिडिल ऑर्डर में वे ज्यादा प्रभावी नहीं साबित हो रहे हैं.

हार की जिम्मेदारी सभी की

अख्तर ने टीम के खराब प्रदर्शन के लिए सिर्फ खिलाड़ियों या बोर्ड को जिम्मेदार नहीं ठहराया. उन्होंने कहा कि इस स्थिति के लिए क्रिकेट बोर्ड, मीडिया और पूर्व खिलाड़ी, सभी जिम्मेदार हैं. उनके मुताबिक, पाकिस्तान ने सही खिलाड़ियों को पहचानने और क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, जिसका असर अब बड़े टूर्नामेंट्स में साफ दिख रहा है.

भारत के खिलाफ हार के बाद पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ गई हैं और अब टीम के लिए आगे का सफर आसान नहीं रहने वाला है. अगर प्रदर्शन में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा भी बना रहेगा.