क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के नाम, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों में शतकों का शतक और रनों का ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज है. जिसे आज तक कोई भी दिग्गज बल्लेबाज़ नहीं तोड़ सका. दुनिया में शायद ही कोई गेंदबाज़ ऐसा रहा हो जिसने सचिन की बल्लेबाज़ी के आगे घुटने नहीं टेके हों.
अनिश्चितताओं के इस खेल में कभी न कभी बल्लेबाज़ बिना खाता खोले प्वेलियन लौटते ही हैं. सचिन तेंदुलकर के जीवन में भी ऐसे अविश्वसनीय मौके आए. जब वे (0) शून्य पर आउट हो गए. हैरान कर देने वाली बात यह है कि सचिन तेंदुलकर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों के की जह अन्य टीमों के खिलाफ कई बार शून्य पर आउट हुए हैं.
सचिन तेंदुलकर के अंतरराष्ट्रीय करियर के आंकड़ें
सचिन तेंदुलकर के अंतरराष्ट्रीय करियर के आंकड़ों पर नज़र डालें तो सचिन तेंदुलकर 8 बार वेस्टइंडीज के खिलाफ शून्य पर आउट हुए हैं. वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने कुल 60 मुकाबले खेले हैं. वेस्टइंडीज टीम के बाद इस लिस्ट में पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया टीमों का नाम भी शामिल है. सचिन तेंदुलकर पाकिस्तान के खिलाफ 7 बार और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 6 बार शून्य पर आउट हुए हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ सचिन तेंदुलकर 5 बार खाता खोले बिना प्वेलियन वापस लौटे हैं.
दुनिया भर के दिग्गज गेंदबाजों का सपना था कि वे मास्टर-ब्लास्टर का विकेट निकाले. खासकर उन्हे शून्य पर वापस प्वेलियन भेजना. जिसे किसी रिकॉर्ड से कम नहीं मानना चाहिए. लेकिन, इंटरनेशनल क्रिकेट में कुछ गेंजबाज़ ऐसे भी है,जो सचिन तेंदुलकर को कभी शून्य पर आउट नहीं कर सके. इनमें बांग्लादेश (19 मैच), बरमूडा (1 मैच), इंग्लैंड (69 मैच), आयरलैंड (2 मैच), केन्या (10 मैच), नीदरलैंड (2 मैच), यूएई (2 मैच),नामिबिया (1 मैच) शामिल हैं.
सचिन तेंदुलकर का 24 साल लंबा अंतरराष्ट्रीय करियर
सचिन तेंदुलकर का 24 साल लंबा अंतरराष्ट्रीय करियर (1989-2013) रहा है, जिसमें सचिन ने कुल 664 अतंरराष्ट्रीय मुकाबले खेले. क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल बल्लेबाज़ होने के बाद भी सचिन तीनों फॉर्मेट मिलाकर अपने करियर में कुल 34 बार इंटरनेशनल क्रिकेट में डक (0) पर आउट हुए हैं.
सचिन तेंदुलकर के ओवरऑल रिकॉर्ड्स पर नज़र डाले तो सचिन टेस्ट मैच की तुलना में वनडे मुकाबलों में ज्यादा बार शून्य पर आउट हुए. सचिन तेंदुलकर वनडे मुकाबलों में 20 बार शून्य पर आउट हुए हैं. टेस्ट करियर में वे 14 बार शून्य पर आउट हुए. सीमित ओवरों के क्रिकेट में बड़े शॉट खेलने के प्रयास की वजह से शायद सचिन तेंदुलकर के शून्य का आंकड़ा टेस्ट से थोड़ा अधिक रहा है.
