'साफ-साफ बताएं रोहित शर्मा-विराट कोहली विश्व कप खेलेंगे या नहीं', किसपर भड़के युवराज सिंह
टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने खुलकर कहा है कि हेड कोच गौतम गंभीर और सेलेक्शन कमिटी के चेयरमैन अजीत अगरकर को रोहित और विराट कोहली के साथ साफ-साफ बात करनी चाहिए.

भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे और आखिरी वनडे मैच को लेकर मीडिया में जो चर्चा हो रही है, वह पहले कभी नहीं देखी गई. इसकी मुख्य वजह रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर लगाई जा रही अटकलें हैं. इस हफ़्ते की शुरुआत में कई रिपोर्टों में दावा किया गया था कि भारत के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा 'मेन इन ब्लू' (भारतीय टीम) के लिए अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच लॉर्ड्स में खेल सकते हैं, क्योंकि सिलेक्शन कमिटी उन्हें अगले साल दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया और ज़िम्बाब्वे में होने वाले वर्ल्ड कप की योजनाओं में शामिल नहीं मान रही है. हालांकि BCCI सेक्रेटरी ने इन अफ़वाहों को नकार दिया है.
अब इस पूरे मामले पर टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह का बयान आया है. उन्होंने खुलकर कहा है कि हेड कोच गौतम गंभीर और सेलेक्शन कमिटी के चेयरमैन अजीत अगरकर को रोहित और विराट कोहली के साथ साफ़-साफ़ बात करनी चाहिए.
युवराज ने कहा कि मैनेजमेंट को उन दोनों खिलाड़ियों से साफ़-साफ़ बात करनी चाहिए और उन्हें बताना चाहिए कि क्या वे साउथ अफ़्रीका, नामीबिया और ज़िम्बाब्वे में होने वाले वर्ल्ड कप की योजनाओं का हिस्सा हैं या नहीं.
तीसरे वनडे के मिड-इनिंग्स ब्रेक के दौरान स्टार स्पोर्ट्स को दिए एक इंटरव्यू में युवराज ने कहा, "यह मैनेजमेंट पर निर्भर करता है कि वे किन खिलाड़ियों के साथ बने रहना चाहते हैं. आदर्श रूप से, टीम में अनुभव की ज़रूरत होती है. आप सिर्फ़ युवा खिलाड़ियों के साथ नहीं जा सकते, और न ही सिर्फ़ अनुभवी खिलाड़ियों के साथ. आपको दोनों का सही तालमेल बिठाना होगा और मेरा मानना है कि अगर उन्हें वर्ल्ड कप खेलना है, तो उन्हें अभी से भरोसा दिलाना होगा. जब वे अच्छा प्रदर्शन नहीं करेंगे, तो मीडिया हमेशा उनकी उम्र और फ़ॉर्म पर सवाल उठाएगा; ये सब बातें होंगी ही. बाहर जो भी शोर-शराबा हो रहा है, उसे बाहर ही रहने दें."
उन्होंने आगे कहा, "आपके जो भी प्लान हों, अगर आप चाहते हैं कि ये खिलाड़ी वर्ल्ड कप में जाएं, तो उन्हें अभी बता दें और पक्का कर लें. उनसे कहें कि 'बहुत बढ़िया, आप वर्ल्ड कप जा रहे हैं, किसी बात की चिंता न करें।' या अगर आपको लगता है कि कोई खिलाड़ी फिट नहीं बैठ रहा है, तो भी उन्हें बता दें. यह सुनने में बुरा लग सकता है और यह एक मुश्किल फ़ैसला होगा, लेकिन आख़िरकार वह खिलाड़ी इस बात की तारीफ़ करेगा कि आपने उसे यह बात साफ़-साफ़ कही गई."




















