प्रशासकों की समिति के अध्यक्ष विनोद राय ने खुलासा किया है कि पैनल ने भारतीय पुरुषों की क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के पद के लिए राहुल द्रविड़ से संपर्क किया था, लेकिन पूर्व बल्लेबाज ने अपने परिवार को प्राथमिकता देने को लेकर इसे ठुकरा दिया.

अनिल कुंबले के भारतीय टीम के कोच के रूप में कार्यकाल 2017 में समाप्त होने के बाद, राय ने द्रविड़ से पद को लेने की कामना की. लेकिन पूर्व कोच, जो पहले से ही इंडिया ए और अंडर 19 टीम को कोचिंग दे रहे थे उन्होंने इसे मना कर दिया.

राय ने स्पोर्ट्सकीड़ा के साथ इंटरव्यू के दौरान बताया कि, जब उन्होंने द्रविड़ से बात की तो उन्होंने कहा कि, देखिए मेरे घर पर दो लड़के बड़े हो रहे हैं और मैं पूरी दुनिया में भारतीय टीम के साथ यात्रा कर रहा हूं और मैं उन पर समय और ध्यान नहीं दे पा रहा हूं, मुझे लगता है कि मुझे घर पर भी रहना चाहिए. और मेरे परिवार को समय दना चाहिए. राय ने कहा कि वो अपना पहले ही मन बना चुके थे और मुझे लगता है कि वो सही भी थे.

राय ने आगे खुलासा किया कि द्रविड़ भारत ए और अंडर -19 टीमों के साथ काम करना जारी रखना चाहते थे, क्योंकि वह उनके लिए शानदार परिणाम दे रहे थे. द्रविड़ के न करने के बाद और कुंबले का कार्यकाल अचानक समाप्त हो गया जिसके बाद मुख्य कोच का पद अंततः रवि शास्त्री के पास चला गया. हालांकि, राय को लगता है कि तीनों ही भारत के मुख्य कोच के रूप में अच्छे विकल्प हैं.

उन्होंने आगे कहा कि, द्रविड़ को पिछले साल राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी का प्रमुख नियुक्त किया गया था और राय ने खुलासा किया था कि पूर्व भारतीय बल्लेबाज इस भूमिका को स्वीकार करने से ज्यादा खुश थे. “द्रविड़ NCA के मुख्य कोच हैं. उन्होंने कहा कि यह स्वीकार करने और एनसीए के प्रति खुद को प्रतिबद्ध करने में बहुत दयालु थे. ”