नई दिल्ली: 12 साल 10 महीने के शतरंज खिलाड़ी आर प्रागनानंदा ने दुनिया का दूसरा सबसे कम उम्र का ग्रैंडमास्टर बनते हुए इतिहास रच दिया है. प्रागनानंदा अभी 12 साल, दस महीने और 13 दिन के हैं और उन्होंने इटली में ग्रेनडाइन ओपन के अंतिम दौर में पहुंचकर यह उपलब्धि हासिल की. चेन्नई के प्रागनानंदा शनिवार को दुनिया के दूसरे सबसे कम उम्र के भारतीय ग्रैंडमास्टर बन गए. ग्रेडिन ओपन के आठवें राउंड में प्रागनानंदा ने इटली के ग्रैंड मास्टर मोरोनी जूनियर को हराते हुए ये उपलब्धि हासिल की.
सर्जेई करजाकिन के नाम है पहला रिकॉर्ड
दुनिया में सबसे कम उम्र में ग्रैंडमास्टर बनने का रिकॉर्ड उक्रेन के सर्जेई करजाकिन के नाम है, जिन्होंने 2002 में 12 साल 7 महीने की उम्र में ग्रैंडमास्टर बनते हुए ये उपलब्धि अपने नाम की थी. संयोग से सबसे कम उम्र में ग्रैंडमास्टर बनने वालों में चौथे नंबर पर एक और भारतीय परिमार्जन नेगी का नाम है, जो 13 साल 4 महीने की उम्र में ग्रैंडमास्टर बने थे.
विश्वनाथन आनंद और राहुल गांधी ने दी बधाई
पांच बार के विश्व चैंपियन और देश के पहले ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद ने प्रागनानंदा को इस उपलब्धि पर बधाई दी. आनंद ने ट्वीट किया, 'क्लब में स्वागत है और बधाई प्रागनानंदा. जल्द ही चेन्नई में मुलाकात होगी.' तो वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रागनानंदा को ट्वीट कर बधाई दी. उन्होंने इसे अतुलनीय उपलब्धि बताते हुए उनके कोच को भी बधाई दी. प्रागनानंदा ने अपना पहला ग्रैंडमास्टर नॉर्म नवंबर 2017 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप और दूसरा नॉर्म अप्रैल में ग्रीस में आयोजित हुए हेरकालियोन फिशर मेमोरियल ग्रैंड मास्टर नॉर्म टूर्नामेंट जीतते हुए हासिल किया था.