10 साल, फर्जी स्पोर्ट्स कोटा सर्टिफिकेट बनाने वाले रैकेट का भंडाफोड़
पुणे पुलिस ने एक ऐसे रैकेट के भंडाफोड़ किया है, जो नकली स्पोर्ट्स कोटा का सर्टिफिकेट बनाकर लोगों को सरकारी नौकरी दिलवाया करता था.

पुणे पुलिस ने एक रैकेट का भंडाफोड़ कर दिया है. इसका मकसद नकली स्पोर्ट्स क्वोटा सर्टिफिकेट बनाकर अयोग्य लोगों को सरकारी नौकरी दिलवाना होता था. सरकारी नौकरियों में 5 प्रतिशत जॉब स्पोर्ट्स कोटा के लिए रिजर्व होती हैं, मगर वे नौकरी असली खिलाड़ियों के पास नहीं बल्कि नकली स्पोर्ट्स कोटा सर्टिफिकेट वाले लोगों के पास जा रही थीं. चौंकाने वाली बात यह है कि ये रैकेट पिछले करीब एक दशक से सक्रिय था.
इस घोटाले का मुख्य केंद्र महाराष्ट्र राज्य कुराश एसोसिएशन है, जिसके पदाधिकारियों पर बेहद गंभीर आरोप लगे हैं. आरोप हैं कि अधिकारियों ने कागजी रिकॉर्ड पर ऐसी प्रतियोगिताओं का आयोजन दिखाया, जो असल में कभी आयोजित हुई ही नहीं. इस पूरे मामले में पुलिस ने 2 लोगों को गिरफ्तार किया. पहला 46 वर्षीय शिवाजी सालुंखे और दूसरा 40 वर्षीय अंकुश विट्ठल है.
अंकुश विट्ठल महाराष्ट्र राज्य कुराश एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं, जबकि शिवाजी सालुंके एसोसिएशन के सचिव हैं. पुणे क्राइम ब्रांच को इस मामले में नकली लेटरहेड, राज्य स्तरीय स्पोर्ट्स इवेंट्स के परिणामों की शीट और पिछली तारीख वाले रेकमेंडेशन लेटर मिले हैं.
Pune, Maharashtra: DCP Gohar Hasan says, "We received a complaint alleging that fake certificates were being distributed for sports such as Kho-Kho and other similar games. These certificates were being used to avail benefits under the sports quota provided by the government and… pic.twitter.com/MbyztAlDT4
— IANS (@ians_india) September 8, 2026
डीसीपी गौहर हसन ने बताया कि एक गोपनीय शिकायत की जांच के बाद इस रैकेट के बारे में पुलिस को जानकारी मिली थी. इस शिकायत में बताया गया कि खो-खो और कुछ अन्य खेलों के जाली सर्टिफिकेट बनाए जा रहे हैं. इन नकली सर्टिफिकेट का इस्तेमाल कई अलग-अलग क्षेत्रों में स्पोर्ट्स क्वोटा के तहत सरकारी नौकरी पाना होता था.
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रिकॉर्ड में कई सारी अनियमितताएं पाई गईं. एक मामला ऐसा भी था, जिसमें इवेंट का आयोजन सितंबर 2023 में दिखाया गया, लेकिन खिलाड़ियों की लिस्ट उससे पांच साल पहले जून 2018 में ही जमा कर दी गई थी. वहीं एक इवेंट 2025 में होने वाला था, लेकिन उसके लिए खिलाड़ियों की लिस्ट दो साल पहले ही जमा हो गई थी.
अगस्त 2025 में एक स्टेट लेवल कम्पटीशन का आयोजन हुआ, जिसमें महिलाओं की 44 किलोग्राम कैटेगरी में एक पुरुष एथलीट का नाम दिखाया गया. वहीं की शहरों में ऐसे इवेंट्स भी रहे, जहां इवेंट के आयोजन के बाद खिलाड़ियों की लिस्ट जमा हुई थी. इसके बावजूद उन लोगों को मेडल और सर्टिफिकेट मिले.
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