पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में ऐसा बड़ा बदलाव किया है, जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने ऐलान किया है कि अब खिलाड़ियों को मिलने वाले पारंपरिक A, B, C और D ग्रेड वाले सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट पूरी तरह समाप्त कर दिए जाएंगे. लाहौर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोहसिन नकवी के साथ पाकिस्तान टीम के कोच आकिब जावेद और व्हाइट-बॉल कोच माइक हेसन भी मौजूद रहे. पीसीबी का मानना है कि नए मॉडल के लागू होने के बाद कॉन्ट्रैक्ट को लेकर उठने वाले विवादों और शिकायतों पर काफी हद तक रोक लग जाएगी.

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पुरानी कैटेगरी खत्म, अब लागू होंगे चार नए ट्रैक

नए सिस्टम के तहत खिलाड़ियों को अब पारंपरिक ग्रेडिंग व्यवस्था में नहीं रखा जाएगा. उनकी विशेषज्ञता और खेलने वाले फॉर्मेट के आधार पर चार अलग-अलग ट्रैक तैयार किए गए हैं.

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ट्रैक A: इस श्रेणी में केवल टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले विशेषज्ञ खिलाड़ियों को शामिल किया जाएगा. टेस्ट क्रिकेट को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इन खिलाड़ियों को सबसे अधिक आर्थिक लाभ मिलेगा, लेकिन विदेशी लीगों में खेलने को लेकर इनके ऊपर सबसे ज्यादा प्रतिबंध भी लगाए जाएंगे.

ट्रैक AB: इस ट्रैक में वे खिलाड़ी शामिल होंगे जो टेस्ट और वनडे दोनों प्रारूपों में टीम का हिस्सा रहते हैं.

ट्रैक BC: यह श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए होगी जो सीमित ओवरों के दोनों प्रारूप यानी वनडे और टी20 क्रिकेट में नियमित रूप से खेलते हैं.

ट्रैक D: इस वर्ग में केवल टी20 विशेषज्ञ खिलाड़ियों को रखा जाएगा. इस ट्रैक के खिलाड़ियों को दुनिया भर की फ्रेंचाइजी लीगों जैसे आईपीएल, बिग बैश लीग और आईएलटी20 में खेलने की सबसे अधिक स्वतंत्रता मिलेगी.

नए मॉडल को लेकर क्या बोले मोहसिन नकवी?

पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने कहा कि पुराने सिस्टम में हमेशा इस बात पर बहस होती थी कि किसी खिलाड़ी को एक विशेष कैटेगरी में क्यों रखा गया और दूसरे को क्यों नहीं. कई बार खिलाड़ी भी अपनी ग्रेडिंग से संतुष्ट नहीं होते थे. उन्होंने कहा, 'हमने एक ऐसा ढांचा तैयार किया है जिसमें लगभग 85 प्रतिशत फैसला आंकड़ों और डेटा पर आधारित होगा. इससे व्यक्तिगत पसंद-नापसंद की गुंजाइश कम हो जाएगी और पूरी प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी बनेगी. खिलाड़ियों के लिए भी यह समझना आसान होगा कि उन्हें किसी विशेष ट्रैक में क्यों रखा गया है.' हालांकि पीसीबी ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह सार्वजनिक रूप से यह जानकारी साझा नहीं करेगा कि कौन-सा खिलाड़ी किस ट्रैक में रखा गया है और प्रत्येक ट्रैक में कुल कितने खिलाड़ी शामिल हैं.

घरेलू क्रिकेट खेलना होगा अनिवार्य

पाकिस्तान के व्हाइट-बॉल कोच माइक हेसन ने इस नई व्यवस्था का समर्थन करते हुए कहा कि यह मॉडल एक तरफ टेस्ट क्रिकेट को मजबूत बनाए रखने में मदद करेगा, वहीं दूसरी ओर टी20 विशेषज्ञ खिलाड़ियों को दुनिया भर की लीगों में खेलने का अवसर भी देगा. वहीं आकिब जावेद ने बताया कि खिलाड़ियों के मूल्यांकन और चयन की प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव किया जाएगा. उन्होंने कहा कि आधुनिक क्रिकेट में केवल रन या विकेट गिनना पर्याप्त नहीं है, बल्कि खिलाड़ी का मैच पर प्रभाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है.

आकिब जावेद के मुताबिक, 'क्रिकेट वेबसाइटों पर इस्तेमाल होने वाले इम्पैक्ट प्लेयर मॉडल की तरह अब यह देखा जाएगा कि किसी खिलाड़ी के प्रदर्शन ने मैच के नतीजे को कितना प्रभावित किया. उदाहरण के तौर पर नंबर सात पर बल्लेबाजी करते हुए बनाए गए 20 रन कई बार शतक से भी ज्यादा अहम साबित हो सकते हैं. नया सिस्टम इसी तरह के प्रभाव का मूल्यांकन करेगा.' उन्होंने यह भी कहा कि इससे उन खिलाड़ियों को फायदा मिलेगा जिनके योगदान को पहले केवल आंकड़ों के आधार पर सही तरीके से नहीं आंका जा पाता था.

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सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट के लिए घरेलू क्रिकेट में रहना होगा सक्रिय

पीसीबी ने नए नियमों के साथ एक और महत्वपूर्ण शर्त जोड़ दी है. बोर्ड ने साफ कर दिया है कि जो खिलाड़ी सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट हासिल करना चाहते हैं, उन्हें घरेलू क्रिकेट में नियमित रूप से हिस्सा लेना होगा. बोर्ड का मानना है कि घरेलू क्रिकेट में सक्रिय भागीदारी से प्रतिभा का सही मूल्यांकन होगा और राष्ट्रीय टीम के लिए खिलाड़ियों का चयन भी अधिक निष्पक्ष तरीके से किया जा सकेगा. इसी वजह से अब घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट पाने की राह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

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पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का यह नया मॉडल विश्व क्रिकेट में एक प्रयोग के तौर पर देखा जा रहा है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आंकड़ों और तकनीक पर आधारित यह व्यवस्था खिलाड़ियों, चयनकर्ताओं और टीम के प्रदर्शन पर कितना असर डालती है.