आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत से हार के बाद पाकिस्तान की टीम पर टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा मंडराने लगा है. अब 18 फरवरी को नामीबिया के खिलाफ होने वाला मुकाबला पाकिस्तान के लिए ‘करो या मरो’ जैसा बन गया है. अगर इस मैच में टीम को हार मिलती है तो उसका सुपर-8 में पहुंचने का सपना यहीं खत्म हो सकता है. यही वजह है कि इस अहम मैच से पहले टीम मैनेजमेंट प्लेइंग इलेवन में बड़े बदलाव करने पर विचार कर रहा है.

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कोलंबो के एसएससी क्रिकेट ग्राउंड में खेले जाने वाले इस मुकाबले से पहले पाकिस्तान टीम कॉम्बिनेशन को लेकर चर्चा तेज हो गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक टीम अपने कुछ खिलाड़ियों को बाहर कर नए चेहरों को मौका दे सकती है, ताकि बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में संतुलन बनाया जा सके.

इन खिलाड़ियों पर गिर सकती है गाज

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माना जा रहा है कि साहिबजादा फरहान, अबरार अहमद और फहीम अशरफ जैसे खिलाड़ियों को इस मैच में प्लेइंग XI से बाहर किया जा सकता है. उनकी जगह टीम मैनेजमेंट अनुभवी बल्लेबाज फखर जमां के साथ-साथ ख्वाजा नफे को मौका देने पर विचार कर रहा है. वहीं तेज गेंदबाजी विभाग में सलमान मिर्जा या नसीम शाह में से किसी एक को अंतिम एकादश में शामिल किया जा सकता है.

हालांकि, फखर जमां की फॉर्म टीम के लिए चिंता का विषय बनी हुई है. हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज में वह कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए थे. दो मैचों में उनके बल्ले से सिर्फ 20 रन निकले थे. वहीं श्रीलंका के खिलाफ पिछले मुकाबले में भी वह बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे थे.

बाबर आजम की भूमिका में बदलाव संभव

नामिबिया के खिलाफ इस अहम मुकाबले में टीम के कप्तान बाबर आजम की भूमिका भी बदल सकती है. खबरें हैं कि बाबर आजम इस मैच में साइम अयूब के साथ ओपनिंग करते हुए नजर आ सकते हैं. टीम को एक मजबूत शुरुआत की जरूरत है और ऐसे में कप्तान खुद जिम्मेदारी संभाल सकते हैं.

पाकिस्तान के लिए यह मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं बल्कि टूर्नामेंट में बने रहने की आखिरी उम्मीद है. अगर टीम अपने संयोजन में सही बदलाव कर मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करती है तो सुपर-8 का रास्ता खुल सकता है, लेकिन एक और हार उन्हें सीधे टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा सकती है. ऐसे में अब सबकी नजर इस हाई-वोल्टेज मुकाबले पर टिकी है.