एशियन गेम्स 2026 के लिए घोषित भारतीय टेबल टेनिस टीम में मनिका बत्रा को जगह नहीं मिली है. इसके बाद भारत की स्टार पैडलर ने टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) के फैसले पर नाराजगी जाहिर की है. फेडरेशन ने चयन मानदंड पूरे नहीं होने का हवाला देते हुए 31 वर्षीय खिलाड़ी को मुख्य टीम से बाहर रखा है. फिलहाल मनिका बत्रा और स्वस्तिका घोष को रिजर्व खिलाड़ियों की सूची में शामिल किया गया है. इस फैसले के बाद मनिका ने चयन प्रक्रिया और नियमों की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं. दुनिया की 51वें नंबर की खिलाड़ी मनिका बत्रा को टीम में जगह नहीं मिलने के पीछे घरेलू प्रतियोगिताओं में उनकी गैरमौजूदगी को बड़ी वजह माना जा रहा है. राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं लेने के कारण वह टीटीएफआई की राष्ट्रीय रैंकिंग में शामिल नहीं हैं और इसी रैंकिंग को चयन का मुख्य आधार बनाया गया. हालांकि मनिका का कहना है कि उन्हें बाहर रखने की कोई स्पष्ट और ठोस वजह महासंघ की ओर से आधिकारिक रूप से नहीं बताई गई. ऐसे में चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं.

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पीएम मोदी और खेल मंत्री से लगाई मदद की गुहार

एशियन गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंट से बाहर किए जाने के बाद मनिका बत्रा ने देश के शीर्ष नेतृत्व से हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पत्र साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया और भारतीय ओलंपिक संघ से मामले में दखल देने की अपील की. पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने लिखा, 'मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, हमारे खेल मंत्री मनसुख मांडविया जी और टीम इंडिया से इस मामले को देखने का आग्रह करती हूं.'

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चयन में दोहरे मापदंड अपनाने का लगाया आरोप

अपने पत्र में मनिका ने आरोप लगाया कि चयन प्रक्रिया में उनके साथ अलग तरह का व्यवहार किया गया है. उन्होंने कहा कि उनके मामले में नियमों की व्याख्या अलग तरीके से की गई. मनिका बत्रा ने अपने बयान में लिखा, 'एशियन गेम्स 2026 की टीम में मेरा चयन न होना बेहद निराशाजनक है और इस बारे में मुझे कोई विशिष्ट कारण भी नहीं बताया गया. चयन की निरंतरता पर गंभीर सवाल उठते हैं क्योंकि पिछले चयन चक्र की तुलना में मेरे मामले में अलग-अलग मापदंड और विचार लागू किए गए हैं, जबकि नियम वही होने चाहिए थे जो पिछले एशियाई खेलों के दौरान थे.'

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चयन प्रक्रिया की समीक्षा की मांग

कॉमनवेल्थ गेम्स पदक विजेता और 2018 एशियन गेम्स में ऐतिहासिक मिक्स्ड डबल्स कांस्य पदक जीतने वाली मनिका बत्रा ने अपने पत्र के आखिर में चयन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग की. उन्होंने लिखा, 'मैंने इस पूरी चयन प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता मांगी है और सम्मानपूर्वक माननीय प्रधानमंत्री, माननीय खेल मंत्री और भारतीय ओलंपिक संघ से अनुरोध करती हूं कि वे इस मामले की जांच करें और चयन मानदंडों का निष्पक्ष व पारदर्शी अनुप्रयोग सुनिश्चित करें.'

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