ज्यूरिख में खेले गए डायमंड लीग के फाइनल में नीरज चोपड़ा अपना दूसरा गोल्ड जीतने से चूक गए. नीरज पूरे टूर्नामेंट में एक भी 90 मीटर से अधिक की थ्रो नहीं फेंक पाए, वह दूसरे नंबर पर रहे. नीरज ने 2022 में डायमंड लीग में गोल्ड जीता था, उसके बाद लगातार तीसरी बार है जब उन्हें सिल्वर से संतोष करना पड़ रहा है. जर्मनी के जूलियन वेबर ने डायमंड लीग 2025 में पहला स्थान हासिल किया. उन्होंने 91.51 की पर्सनल बेस्ट थ्रो के साथ ये खिताब जीता.
जर्मनी के जूलियन वेबर ने फाइनल में पहले थ्रो से ही दबदबा बना लिया था. उन्होंने अपना पहला ही थ्रो 91.37 मीटर का फेंका. जबकि नीरज चोपड़ा का पहला थ्रो 84.34 मीटर का था. दोनों में काफी अंतर था, जिसके चलते शुरुआत से वेबर के मनोबल काफी बढ़ गया था. इस बिच केशोर्न वालकोट 84.95 का थ्रो फेंककर दूसरे स्थान पर पहुंच गए.
85.01 मीटर का था नीरज चोपड़ा का आखिरी थ्रो
वेबर ने फाइनल का दूसरा थ्रो 91.51 मीटर का फेंका, जो निर्णायक साबित हुआ और इसी के दम पर उन्होंने खिताब जीता. जबकि नीरज चोपड़ा का दूसरा थ्रो 82 मीटर का था. नीरज शुरुआत से ही लय में नहीं दिख रहे थे. नीरज का तीसरा, चौथा और पांचवा थ्रो फ़ाउल था. ऐसा लग रहा था कि मानसिक रूप से नीरज ने इस मैच में हार मान ली है.
नीरज चोपड़ा ने अपना आखिरी थ्रो 85.01 मीटर का फेंक दिया, जिसने उन्हें फाइनल में दूसरा स्थान दिलाया. नीरज ने लगातार तीसरी बार डायमंड लीग में सिल्वर मेडल जीता है. हालांकि वह 2022 का वो कारनामा नहीं दोहरा पाए, जब उन्होंने ज्यूरिख में ही अपना एकमात्र डायमंड लीग का खिताब जीता था.
नीरज चोपड़ा का डायमंड लीग टूर्नामेंट में प्रदर्शन
2020 टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड जीतने वाले नीरज चोपड़ा ने जेवलिन थ्रो में भारत का नाम काफी ऊंचा किया है. वह पहले भारतीय हैं, जिन्होंने डायमंड लीग में गोल्ड जीता है. उन्होंने 2022 में इतिहास रचा था, उसके बाद से लगातार 3 बार (2023 Eugene, 2024 Brussels, 2025 Zurich) सिल्वर जीता.