राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी के मालिकाना हक को लेकर जंग छिड़ी हुई है. लक्ष्मी एन मित्तल और आदित्य मित्तल ने अदार पूनावाला के साथ मिलकर RR फ्रेंचाइजी को करीब 1.65 बिलियन अमेरिकी डॉलर में खरीद लिया है, यह रकम करीब 15,660 करोड़ भारतीय रुपये के बराबर है. बताया जा रहा है कि टीम की 75 प्रतिशत हिस्सेदारी मित्तल परिवार, 18 प्रतिशत अदार पूनावाला के पास रहेगी और बाकी 7 प्रतिशत मौजूदा निवेशकों के पास रहेगी. मगर इस पूरी डील पर काली सोमानी के नेतृत्व वाले संघ ने कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है.

क्रिकबज में छपी एक रिपोर्ट की मानें तो सोमानी ग्रुप ने राजस्थान टीम की बिक्री की पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं. यह सोमानी ग्रुप पहले RR टीम को खरीदने की रेस में सबसे आगे बताया जा रहा था, उन्होंने आरोप लगाए हैं कि पिछले 10 दिन से वह डील फाइनल करने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उन्हें धोखे में रखकर बैकडोर से मित्तल परिवार के साथ डील कर ली गई. इस संबंध में लीगल नोटिस भेजने की बात सामने आई है और BCCI को भी इस घटना से अवगत कराया जाएगा.

काल सोमानी अमेरिका में रहते हैं और उन्होंने अमेरिकी व्यवसायी रॉब वॉल्टन और हैम्प परिवार के साथ राजस्थान टीम को खरीदने का प्रस्ताव दिया था. उन्होंने दावा किया कि एक तरफ उनके साथ बातचीत चल रही थी, लेकिन उनके साथ डील फाइनल करने में जानबूझकर देरी की गई.

क्यों नहीं हो पाई डील?

क्रिकबज की इसी रिपोर्ट के अनुसार काल सोमानी के नेतृत्व वाले संघ को पैसा चुकाने के महीने का समय दिया गया था, लेकिन वे समय पर पैसा नहीं चुका पाए. इस पर सोमानी ग्रुप ने तीखा प्रहार किया और ऐसी सभी खबरों को खारिज करते हुए कहा कि वे डील फाइनल करने के लिए पूरी तरह तैयार थे.

अमेरिका में एक अन्य सूत्र ने बताया कि राजस्थान रॉयल्स मैनेजमेंट की ओर से 90 प्रतिशत दस्तावेज लंबित थे, उन्होंने जानबूझकर ऐसा किया. चूंकि काल सोमानी को अमेरिका के अमीर परिवारों का समर्थन प्राप्त है, इसलिए उनके लिए पैसा चुकाना कभी परेशानी का मुद्दा था ही नहीं.

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