'मैं भी धोनी की तरह फिनिशर हूं', मुकुल चौधरी ने सुनाई अपने पिता के त्याग की कहानी; जानें क्या कुछ कहा
Mukul Choudhary: KKR के खिलाफ खेली मैच जिताऊ पारी के बाद चर्चा में आए मुकुल चौधरी ने बताया कि वह धोनी की तरफ फिनिशर बनना चाहते हैं. उन्होंने अपने पिता के त्याग और उनके संघर्ष के बारे में भी बताया.

मुकुल चौधरी ने गुरुवार को एक यादगार पारी खेली, जिसकी मदद से लखनऊ सुपर जायंट्स लगभग हार चुके मैच को 3 विकेट से जीत गई. इसके बाद मुकुल हर जगह छाए हुए हैं. उन्होंने मैच के बताया कि कैसे उन्हें क्रिकेटर बनाने के लिए पिता ने अपने करियर का त्याग कर दिया. मुकुल ने बताया कि उनके पिता राजस्थान एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (RAS) के पेपर की तैयारी कर रहे थे, उन्हें जब लगा कि वह या तो खुद तैयारी कर सकते हैं या बेटे को क्रिकेटर बनाने के लिए मेहनत कर सकते हैं तो उन्होंने अपनी पढ़ाई छोड़ दी. मुकुल एमएस धोनी को अपना आदर्श मानते हैं और उन्ही की तरफ फिनिशर बनना चाहते हैं.
जियोहॉटस्टार पर बात करते हुए मुकुल चौधरी ने कहा, "मैं हमेशा एमएस धोनी को अपना आदर्श मानता हूं, क्योंकि मैं भी एक फिनिशर हूं. मैं हमेशा उनसे प्रेरणा लेता हूं. उनका 'हेलीकॉप्टर शॉट', जो कि बहुत आइकोनिक है, मेरा पसंदीदा है. जिस तरह से उन्होंने 2011 वर्ल्ड कप में भारत की कप्तानी की थी, वह हर किसी को याद है. मैं भी चाहता हूं कि उनकी तरह बनूं, मैचों को फिनिश करना चाहता हूं, उनकी तरह टीम को जिताना चाहता हूं."
Now you know where that helicopter shot came from! 🚁🏏
— Star Sports (@StarSportsIndia) April 9, 2026
The finishing skills, the shot selection & being Mu-cool under pressure… all inspired by MS Dhoni!
Watch the highlights of his incredible innings: https://t.co/H8bWsTS8TO#MukulChoudhary #LucknowSupergiants #LSG #Kolkata pic.twitter.com/jbKSu43AU3
पिता ने छोड़ी अपनी पढ़ाई
मुकुल चौधरी ने बताया कि उनके पिता ने शादी से पहले ही सोच लिया था कि अगर उनके बेटा हुआ तो उसे क्रिकेटर बनाएंगे. उन्होंने कहा, "बड़े लेवल पर क्रिकेट खेलना मेरे पिता का सपना था. हम एक बहुत ही गरीब परिवार से आते हैं और वह चाहते थे कि परिवार का कोई सदस्य क्रिकेट खेले. आजकल, क्रिकेट में बहुत पैसा और शोहरत है. क्रिकेट उनका पसंदीदा खेल है, लेकिन हमारे परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह खुद पेशेवर तौर पर क्रिकेट खेल पाते. उनकी शादी से पहले ही उन्होंने सोच लिया था कि जब उनका बेटा होगा, तो वह उसे क्रिकेट जरूर खिलाएंगे. जब मैं छोटा था, तब हमारे परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी और उनके लिए मुझे किसी क्रिकेट एकेडमी में दाखिला दिलाना मुमकिन नहीं था. उस समय, वह एक कॉलेज में पढ़ाते भी थे और साथ ही RAS की तैयारी भी कर रहे थे."
A journey that’s bound to inspire a generation! ✨#MukulChoudhary’s cricketing rise, his family’s sacrifices, and how the game changed everything around him. ❤️
— Star Sports (@StarSportsIndia) April 9, 2026
[Lucknow Super Giants, Kolkata Knight Riders, LSG, KKR] pic.twitter.com/V3pXq8ilCC
उन्होंने आगे कहा, "मेरे पिता को लगा कि या तो वह RAS की तैयारी कर सकते हैं या फिर मुझे पेशेवर तौर पर क्रिकेट खिला सकते हैं. इसलिए, उन्होंने अपनी तैयारी छोड़ दी और प्रॉपर्टी से जुड़ा कुछ काम किया. जब मैं 12 साल का हुआ, तो उन्होंने पहली बार सीकर शहर की SBS क्रिकेट एकेडमी में मेरा दाखिला करवाया."
मुकुल चौधरी के बारे में
मुकुल चौधरी का जन्म 8 अगस्त, 2004 को झुंझुनू में हुआ था. मुकुल विकेटकीपिंग बैट्समैन हैं, जो डोमेस्टिक में राजस्थान के लिए खेलते हैं. उन्होंने फर्स्ट क्लास के 4 मैचों में 103 रन बनाए हैं. लिस्ट ए के 5 मैचों में उनके कुल 71 रन हैं. मुकुल ने 10 टी20 में 280 रन बनाए हैं. जारी संस्करण में मुकुल ने IPL डेब्यू किया है.
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Source: IOCL



















