IPL 2026: 'कुत्ते को घी...', आखिर क्यों हरभजन सिंह को आया गुस्सा? खुलेआम कहे अपशब्द; जानें पूरा मामला
IPL 2026 के पहले मैच के दौरान सुनाई गई अनिकेत वर्मा की स्टोरी के कारण इयान बिशप चर्चा का विषय बने हुए हैं. वहीं एक पोस्ट पर हरभजन सिंह को इतना गुस्सा आया कि वह सोशल मीडिया पर ही यूजर से बहस करने लगे.

IPL 2026 का आगाज हो गया है. शनिवार को खेले गए पहले मैच में RCB ने SRH को 6 विकेट से हराया. विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल ने शानदार अर्धशतकीय पारी खेली. हालांकि मैच के बाद कमेंटेटर इयान बिशप की भी चर्चा हो रही है, जिन्होंने अनिकेत वर्मा की स्टोरी सुनाई. अनिकेत ने 19वें संस्करण के पहले मैच में 18 गेंदों में 43 रन बनाए, जिस कारण सनराइजर्स हैदराबाद 200 के पार तक पहुंच पाई. अनिकेत ने बचपन में अपनी मां को खो दिया था, जिसके बाद उनके पिता ने दूसरी शादी की और उन्हें उनके चाचा ने पाला. इस स्टोरी की चर्चा हर जगह हो रही है, बिशप की तारीफ हो रही है. हालांकि एक यूजर ने गलत भाषा का इस्तेमाल करते हुए इससे संबंधित एक पोस्ट किया और हिंदी कमेंटेटर्स की आलोचना की. इस पर हरभजन सिंह ने भी जवाब दिया.
होमी (Homie) नाम से एक यूजर ने लिखा, "इयान बिशप हिंदी छपरी कमेंटेटर्स से ज्यादा भारतीय हैं." पोस्ट में नवजोत सिंह सिद्धू, वीरेंद्र सहवाग और हरभजन सिंह की फोटो लगी हुई थी. इस पर हरभजन भड़क गए. उन्होंने लिखा, "हाथी चले बाजार, कुत्ते भौंके हजार. चल निकल यहां से टॉमी."
हाथी चले बाज़ार । कुत्ते भोंके हज़ार । चल निकल यहाँ से Tomy . Not Homie 🤮 https://t.co/Wa2Nw16EAM
— Harbhajan Turbanator (@harbhajan_singh) March 29, 2026
सोशल मीडिया पर ये बहस यहीं नहीं रुकी. यूजर ने गलत भाषा का इस्तेमाल करते हुए हरभजन सिंह को उनके कमेंटरी पर ध्यान देने की सलाह दी. हरभजन सिंह ने भी यूजर को उसी की भाषा में जवाब दिया.
कुत्ते को घी नहीं पचता और तेरे जैसे लोंडू को जवाब हज़म नहीं हुआ । चल बे टोमी https://t.co/0f1FBbj9Fw
— Harbhajan Turbanator (@harbhajan_singh) March 29, 2026
45 वर्षीय हरभजन सिंह भारत के लिए 367 अंतर्राष्ट्रीय मैच (103 टेस्ट, 236 वनडे और 28 टी20) खेल चुके हैं. टेस्ट में उनके नाम 417, वनडे में 269 और टी20 में 25 विकेट हैं. हरभजन सिंह आईपीएल में मुंबई इंडियंस, कोलकाता नाइट राइडर्स और चेन्नई सुपर किंग्स के लिए कुल 163 मैच खेल चुके हैं, जिनमें 150 विकेट लिए.



















