लंदन: भारतीय टीम आज वर्ल्डकप के अपने छठे मुकाबले में वेस्ट इंडीज टीम से भिड़ेगी. भारतीय टीम का अभी तक इस वर्ल्डकप में प्रदर्शन काफी शानदार रहा है और टीम एक भी मैच नहीं हारी है. वहीं, वेस्ट इंडीज की बात करें तो टीम के लिए अभी तक विश्व क्रिकेट का ये खिताबी मुकाबला अच्छा नहीं रहा है. टीम को अभी तक खेले 6 मैचों में सिर्फ एक में जीत मिली है और चार में हार जबकि एक मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था. आज जब दोनों टीमें एक दूसरे से भिड़ेंगी तो पिछले रिकॉर्ड बताते हैं कि वर्ल्डकप में भारतीय टीम वेस्ट इंडीज पर भारी पड़ती है.

1992 के बाद से वर्ल्डकप में वेस्ट इंडीज से नहीं हारा है भारत भारत और वेस्ट इंडीज की टीम एक-दूसरे से वर्ल्डकप में आठ बार भिड़ी है. इन आठ मुकाबलों में भारत का पलड़ा भारी रहा है और टीम को पांच में जीत मिली है जबकि तीन में हार. यहां एक और रिकॉर्ड काफी दिलचस्प है कि वेस्ट इंडीज की टीम ने भारत को वर्ल्डकप के मुकाबले में साल 1992 के बाद से नहीं हराया है. मतलब वर्ल्डकप में भारत का वेस्ट इंडीज के खिलाफ विजय अभियान 27 सालों से जारी है. जब भारत ने बनाया था इतिहास 1975 और 1979 का वर्ल्डकप वेस्ट इंडीज की टीम ने जीता था. इन दोनों ही वर्ल्डकप में वेस्ट इंडीज की जीत की सबसे खास बात ये रही कि टीम एक भी मैच पूरे टुर्नामेंट में नहीं हारी थी. इसके बाद साल 1983 के वर्ल्डकप का पहला मैच भारत और वेस्ट इंडीज के बीच खेला गया और यहां वो हुआ जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी. वेस्ट इंडीज की टीम पहली बार वर्ल्डकप के मुकाबले में किसी टीम से हारी और ये कारनामा कर दिखाया भारत टीम ने. हालांकि, इस मैच में हार का बदला वेस्ट इंडीज की टीम ने भारत से एक सप्ताह बाद ही ले लिया. 1983 वर्ल्डकप का फाइनल मुकाबला रहा था दिलचस्प 1983 के वर्ल्डकप में दोनों टीम 1-1 मैच जीतकर लगभग बराबरी के मुकाबले पर थी और फिर टुर्नामेंट का सबसे बड़ा मैच फाइनल आया. फाइनल में भारत पहले बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 183 रन बना सकी. जवाब में वेस्ट इंडीज की टीम 50-1 थी. इसके बाद मदन लाल ने घातक गेंदबाजी की और दो विकेट झटके. महिन्द्र अमरनाथ ने तीन विकेट झटके और वेस्ट इंडीज की टीम को घुटनों पर टिका दिया. भारतीय बॉलर के आगे वेस्ट इंडीज के बल्लेबाज बेदम हो गए और एक के बाद एक विकेट गिरता चला गया. पूरी टीम 140 रनों पर ऑलआउट हो गई. भारत ने विश्व क्रिकेट में अपने होने का जोरदार अहसास कराया. पूरी दुनिया ने भारतीय क्रिकेट का नया अवतार देखा. फाइनल में महिन्द्र अमरनाथ को मैन ऑफ दी मैच चुना गया. 2011 का वर्ल्डकप मुकाबला 2011 के वर्लकप में दोनों टीमों के बीच जब मुकाबला हुआ था तो दोनों ही टीम क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालिफाई कर चुकी थी. इस कारण कुछ खिलाड़ियों को रेस्ट दिया गया था. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 268 रन बनाए. लेकिन भारत की शुरुआत खराब रही थी तो सचिन तेंदुलकर पहले ही ओवर में आउट हो गए थे. इस मैच में बाद में पारी कोहली और युवराज सिंह ने संभाली. युवराज ने वर्ल्डकप में अपना पहला शतक इसी मैच में मारा. भारत के 268 के जवाब में वेस्ट इंडीज की टीम लड़खड़ा गई और पूरी टीम 188 रनों पर ऑलआउट हो गई. 2015 के वर्ल्डकप मुकाबले में हुआ था लो स्कोरिंग मैच ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में वर्ल्डकप का ये मुकाबला काफी लो स्कोरिंग रहा था. वेस्ट इंडीज की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 182 रनों पर सिमट गई थी. जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम का भी प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और टीम के शुरुआत में ही चार विकेट गिर गए. इसके बाद कप्तान एमएस धोनी ने पारी संभाली. धोनी ने इस इनिंग में 45 रन बनाए और भारत ने इस मैच को चार विकेट रहते जीत लिया.

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