Indian Cricket Big Achievement after Independence: भारत में 15 अगस्त 1947 पूर्ण स्वतंत्रता तक ब्रिटेन ने हमपर राज किया. अंग्रेजों ने लगभग 200 साल तक भारत में अपनी हुकूमत चला. भारत और ब्रिटने दोनों में एक समान बात थी वह थी क्रिकेट. आजादी के पहले से ही भारत में क्रिकेट का बोलबाला रहा था जो आज तक है. आजादी के पहले 1895-1902 तक इंग्लैंड के लिए महाराजा रंजीत सिंह क्रिकेट खेलते रहे. आज हम आपको भारत की आजादी के बाद क्रिकेट में मिलने वाली बड़ी उपलब्धियों के बारे में बताएंगे.

पहली टेस्ट मैच जीतभारतीय टीम को अपनी पहली टेस्ट मैच जीत इंग्लैंड के खिलाफ साल 1952 में मिली थी. इस टीम की अगुवाई विजय हजारे कर रहे थे. इस मैच में वीनू मांकड़ ने 12 विकेट झटके थे. भारत ने यह मुकाबला एक पारी और 8 रन से जीता था.

विदेशी धरती पर पहली टेस्ट जीतविदेशी धरती पर भारत को पहली जीत युवा टाइगर पटौदी के कप्तानी में न्यूजीलैंड में मिली. यह जीत भारत को 1968 में मिली थी. इस मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को 5 विकेट से हराया था.

विदेशी धरती परपहली सीरीज जीतन्यूजीलैंड को हराने के दो साल बाद, मेन इन ब्लू ने वेस्टइंडीज के 1970-71 के दौरे पर विदेशी धरती पर अपनी पहली श्रृंखला जीत दर्ज की, जहां उन्होंने 1-0 से पांच मैचों की श्रृंखला जीती. इस सीरीज में ही भारत के महान बल्लेबाजी सुनील गावास्कर ने वेस्टइंडीज के घातक आक्रमण के खिलाप 774 रन बनाए थे.

1983 में वर्ल्ड कप पर कब्जा9 जून से 25 जून 1983 तक आयोजित क्रिकेट विश्व कप टूर्नामेंट का तीसरा संस्करण था. कपिल देव की कप्तानी में भारत ने वो करिश्मा कर दिखाया जो किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था. इस वर्ल्ड के फाइनल में भारत ने गत चैंपियन खतरनाक वेस्टइंडीज को हराकर वर्ल्ड कप अपने नाम कर लिया. इंडिया के इस वर्ल्ड कप जीत के बाद पूरे क्रिकेट दुनिया में भारत का बोलबाला होने लगा. इसके बाद से ही भारत को कई महान क्रिकेटर भी मिले.

वर्ल्ड चैंपियनशिप में पाकिस्तान को हराकर जीता खिताबवर्ल्ड कप में जीत के 2 साल बाद ऑस्ट्रेलिया में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत ने कमाल का प्रदर्शन किया. यहां पर भारत ने अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंदी पाकिस्तान को फाइनल में हराया और ट्रॉफी अपने नाम की. इस सीरीज में रवि शास्त्री को प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड भी मिला. इस सीरीज में रवि शास्त्री ने 182 रन बनाए थे और 8 विकेट भी हासिल किया था.

सचिन तेंदुलकर का डेब्यूक्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने 15 नवंबर 1989 को कराची में पाकिस्तान के खिलाफ 16 साल की उम्र में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया. उन्होंने अपने 24 साल के करियर में एक सौ अंतरराष्ट्रीय शतक बनाने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं, एक वनडे में दोहरा शतक बनाने वाले पहले बल्लेबाज, टेस्ट और एकदिवसीय दोनों में सबसे अधिक रन बनाने के रिकॉर्ड के धारक हैं. सचिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 30,000 से अधिक रन बनाने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं.

नेटवेस्ट सीरीज जीत और गांगुली का जश्न2002 में इंग्लैंड में हुए नेटवेस्ट सीरीज में ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाया. इस दौरान भारत की कप्तानी सौरव गांगुली कर रहे थे. उन्होंने इस जीत का खास अंदाज में जश्न भी मनाया था. उन्होंने अपनी टी-शर्ट उतारकर उसे लहराते हुए इंग्लैंड पर सीरीज जीत का जश्न मनाया था.

2003 वर्ल्ड कप फाइनलभारत के लिए साल 2003 का वर्ल्ड कप भी काफी शानदार गुजरा. इस समय भारत की कप्तानी सौरव गांगुली के हाथ में थी. इस वर्ल्ड कप में भारत ने शानदार प्रदर्शन कर फाइनल में पहुंची थी. हालांकि फाइनल में भारत को ऑस्ट्रेलिया के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी थी.

2007 टी20 वर्ल्ड कप विनरभारत के लिए 2007 काफी अच्छा रहा. इसी साल पहली बार हो रहे टी20 वर्ल्ड कप को भारत ने अपने कब्जे में किया था. 2007 में भारतीय टीम की कप्तानी महेंद्र सिंह धोनी कर रहे थे. इस वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को हराकर वर्ल्ड कप अपने नाम किया था.

2009 में टेस्ट में नंबर वनभारत को साल 2009 में बड़ी उपलब्धि हासिल हुई जब उन्होंने पहली बार टेस्ट में नंबर वन होने का रिकॉर्ड बनाया. यह पहली बार था जब विश्व क्रिकेट में भारत टेस्ट में नंबर वन बना था.

तीन बार चैंपियंस ट्रॉफी पर किया कब्जाभारत ने 2000 के बाद 2008, 2012 और 2018 में चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया है. वहीं साल 2006, 2016, 2020 में भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में उपविजेता रही है.

2011 वर्ल्ड कप जीतभारत के लिए साल 2011 काफी खास रहा. इसी साल 28 साल के लंबे इंतजार के बाद भारत ने वर्ल्ड कप पर फिर से अपना कब्जा जमाया. महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में खेलने वाली भारतीय टीम ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर वर्ल्ड कप अपने नाम किया. आपको बता दें कि यह सचिन तेंदुलकर का आखिरी वर्ल्ड कप भी था.

गाबा में ऑस्ट्रेलिया को पटखनी और सीरीज जीतगाबा के मैदान में भारतीय टीम ने 32 साल के बाद साल 2021 में हराया था. इससे पहले इस मैदान पर 1989 में ऑस्ट्रेलियाई टीम को हार का सामना करना पड़ा था. वहीं इस जीत के साथ ही भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से सीरीज में हरा दिया था.

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में उपविजेता बनीं भारतीय टीमवर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में भी भारत ने कमाल का खेल दिखाया. हालांकि इसके फाइनल में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा था. फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत को हराकर खिताब अपने नाम किया था.

इनसब के अलावा भारतीय टीम ने भारत ने 2007 आईसीसी विश्व ट्वेंटी 20, 2007-08 की सीबी श्रृंखला, 2010 और 2016 एशिया कप, 2011 आईसीसी क्रिकेट विश्व कप और 2013 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी भी जीती है.

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