किसी भी मजबूत टीम के लिए कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं, जिनकी मौजूदगी मैदान पर साफ महसूस होती है. टीम इंडिया के लिए जसप्रीत बुमराह भी कुछ ऐसे ही खिलाड़ी हैं. T20I में उनके साथ और उनके बिना भारतीय टीम के प्रदर्शन में बड़ा फर्क देखने को मिलता है. 2025 से अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो बुमराह की गैरमौजूदगी में टीम की जीत कम हुई है, जबकि हार का आंकड़ा ज्यादा रहा. आंकड़ों के मुताबिक, 2025 से अब तक भारत ने जसप्रीत बुमराह के साथ कुल 26 T20I मैच खेले हैं. इनमें टीम इंडिया ने 20 मुकाबले हैं, जबकि सिर्फ 4 मैचों में हार का सामना करना पड़ा. इस दौरान 2 मैचों का नतीजा नहीं निकल सका. यानी बुमराह के साथ भारत का रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा है.

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बिना बुमराह के बढ़ी हार

अब बुमराह के बिना भारत के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो आंकड़े कुछ अलग कहानी बताते हैं. इस समय में टीम ने बुमराह के बिना 20 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं. इनमें भारत को 12 मुकाबलों में जीत मिली, जबकि 7 मैचों में हार झेलनी पड़ी. वहीं, एक मुकाबला नो रिजल्ट रहा. यानी बुमराह के बिना भारत की हार बढ़ जाती है.

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जीत और हार के रेशियो में भी बड़ा फर्क 

जीत और हार के रेशियो में भी बड़ा फर्क दिखाई देता है. बुमराह के साथ भारत का रेशियो 5.00 है, जबकि उनके बिना ये घटकर 1.71 रह जाता है. इन आंकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि T20I में बुमराह की मौजूदगी टीम के लिए कितनी अहम है.

क्यों अहम हैं बुमराह

बुमराह अपनी तेज और सटीक गेंदबाजी से मैच के अलग-अलग हिस्सों में टीम को मजबूती देते हैं. खासकर दबाव के समय विकेट निकालने और रन रोकने की उनकी ताकत टीम के काफी काम आती है. लेकिन, किसी टीम के प्रदर्शन को सिर्फ एक खिलाड़ी से जोड़ना सही नहीं होगा, लेकिन आंकड़े जरूर बताते हैं कि बुमराह के साथ भारत का T20I रिकॉर्ड काफी बेहतर रहा है. ऐसे में उनकी गैरमौजूदगी टीम इंडिया के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है.

 

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