बांग्लादेश के खिलाफ भारत की सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने 34 गेंदों में 53 रन बनाए. इस शानदार पारी के लिए शेफाली को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया. मुकाबला जीतने के बाद 22 वर्षीय बल्लेबाज ने बताया कि वह बांग्लादेश के खिलाफ अपनी बैटिंग से खुश हैं. हालांकि, शेफाली ने स्वीकारा है कि अगर वह इस मैच जिताऊ पारी खेलने के बाद नॉट-आउट रहतीं, तो उन्हें और भी खुशी होती.

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ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेले गए इस मैच में बांग्लादेशी टीम ने 8 विकेट खोकर 136 रन बनाए. आसान लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने महज 16.5 ओवरों में मैच अपने नाम कर लिया.

इस आक्रामक ओपनर ने भारत को शानदार शुरुआत दिलाई और टीम को विमेंस टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में अपना अब तक का सबसे ज्यादा पावरप्ले स्कोर बनाने में मदद की. शेफाली ने सिर्फ 29 गेंदों में अर्धशतक पूरा करते हुए आसान जीत की नींव रखी.

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मैच के बाद शेफाली ने कहा, "आज मैंने जिस तरह से बल्लेबाजी की, उससे बहुत खुश हूं, लेकिन अगर मैं आखिर तक क्रीज पर रहती, तो और भी खुशी होती. खैर, आज आत्मविश्वास अच्छा रहा और मैं खुश हूं कि कुछ रन बना सकी".

बांग्लादेश के 136/8 के स्कोर के जवाब में भारत को जीत के लिए 137 रनों की जरूरत थी. शेफाली ने बताया कि लक्ष्य का पीछा करते हुए बैटिंग ग्रुप ने अपनी योजना को सरल रखा. उन्होंने कहा, "कुछ खास नहीं, बस अपनी बैटिंग पर भरोसा रखा, जो भी खराब गेंद मिलेगी, उस पर चौका या छक्का लगाएंगे, वर्ना एक रन ले लेंगे. तो बस आम बातचीत थी, कोई अलग बात नहीं थी".

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क्रीज पर रहने के दौरान शेफाली पूरी तरह नियंत्रण में दिखीं, वह बार-बार गैप ढूंढती रहीं और खराब गेंदों पर रन बनाती रहीं. जब शेफाली से पूछा गया कि क्या उन्होंने अपनी बल्लेबाजी में कोई खास बदलाव किया है, तो शेफाली ने कहा, "मैं बस सही गेंद चुनने की कोशिश करती हूं. जो भी गेंद मेरे जोन में आती है, उस पर शॉट खेलती हूं. वर्ना, सिंगल ले लेती हूं. यह बहुत आसान बात है, लेकिन कभी-कभी यह बहुत मुश्किल हो जाती है, लेकिन इस बार मैंने खुद से काफी बात की, और हां, सब कुछ अच्छा चल रहा है और मैं इससे बहुत खुश हूं".

अहम योगदान देने के बावजूद, शेफाली ने माना कि जिस तरह से उनकी पारी खत्म हुई, उससे वह निराश थीं. ओपनर को 9वें ओवर में स्टंप आउट कर दिया गया था. शेफाली ने कहा, "बेशक, दुख तो हुआ. जिस तरह से मैं आउट हुई, जैसा कि मैंने पहले कहा, अगर मैं आउट नहीं होती तो मुझे ज्यादा खुशी होती".

बैटिंग के अलावा, टूर्नामेंट के दौरान शेफाली का इस्तेमाल गेंदबाजी विकल्प के तौर पर भी किया गया है. इस अतिरिक्त जिम्मेदारी के बारे में बात करते हुए, शेफाली ने कप्तान हरमनप्रीत कौर को श्रेय दिया, जिन्होंने जब भी उन्हें गेंद सौंपी, उनका साथ दिया.

शेफाली ने कहा, "बेशक, मैं नेट्स में नई और पुरानी दोनों गेंदों से गेंदबाजी करती थी. कभी-कभी मैं बहुत हंसती हूं, लेकिन आखिर में टीम को जिसकी जरूरत होती है, मैं उसके लिए तैयार रहती हूं. हरमन (कौर) का शुक्रिया, जब मैं बॉलिंग करती हूं, तो वह हमेशा मुझे बहुत आत्मविश्वास देती हैं और बहुत अच्छा फील्ड सेट देती हैं. तो बस उनका शुक्रिया".

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