IND vs SA ODI: रायपुर वनडे में टीम इंडिया को वो झटका लगा जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी. 358 रन बोर्ड पर लगाने के बाद भी भारत को साउथ अफ्रीका के हाथों हार झेलनी पड़ी. यह न सिर्फ एक बड़ा अपसेट था, बल्कि विराट कोहली के लिए भी एक “बड़ा गम” लेकर आया. 2462 दिनों यानी 6 साल से भी ज्यादा वक्त बाद ऐसा हुआ कि कोहली के शतक के बावजूद टीम इंडिया मैच नहीं जीत पाई.
दूसरे वनडे में भारत ने विराट कोहली और रुतुराज गायकवाड़ की शानदार सेंचुरी की बदौलत 358/5 का स्कोर खड़ा किया. कोहली ने बेहद क्लासिक अंदाज में 93 गेंदों पर 102 रनों की पारी खेली. यह उनका वनडे करियर का 53वां शतक और इंटरनेशनल क्रिकेट का 84वां सौ था. वहीं रुतुराज गायकवाड़ ने अपने वनडे करियर का पहला शतक जमाते हुए 105 रन ठोके. दोनों की धांसू पारियों ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, लेकिन मैच का परिणाम निराश करने वाला रहा.
2462 दिन बाद टूटा कोहली का करिश्माई रिकॉर्ड
कोहली के करियर की खासियत यह रही है कि वह जब भी शतक लगाते हैं, टीम का जीतना लगभग तय हो जाता है. उनकी पिछली 18 इंटरनेशनल सेंचुरी में से 17 जीत में आई थीं. वहीं रायपुर मैच ने इस रिकॉर्ड को तोड़ दिया. 2462 दिनों के बाद पहली बार ऐसा हुआ जब कोहली ने शतक जड़ा और भारत जीत नहीं सका. इससे पहले 2019 में रांची में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 123 रन बनाने के बावजूद टीम इंडिया हार गई थी.
वनडे में कोहली के 53 शतकों में से सिर्फ 8 ही भारत की हार में आए हैं. यानी 85% से ज्यादा बार जब कोहली शतक बनाते हैं, तब टीम जीतती है. इसी वजह से उन्हें “चेज मास्टर” भी कहा जाता है. उन्होंने 6072 रन सिर्फ चेज करते हुए बनाए हैं, वह भी लगभग 90 के औसत से.
हार के पीछे क्या रही वजह?
रायपुर वनडे में भारत की गेंदबाजी पूरी तरह विफल रही. साउथ अफ्रीका ने 359 रन का टारगेट चार विकेट खोकर हासिल कर लिया. यह भारत के खिलाफ टारगेट चेज में संयुक्त रूप से सबसे बड़ी जीतों में से एक है. एडेन मार्करम के शतक और बाकी बल्लेबाजों के आक्रामक खेल ने भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया.
अब नजर निर्णायक मुकाबले पर
सीरीज फिलहाल 1-1 से बराबरी पर है और तीसरा मैच विशाखापट्टनम में खेला जाएगा. भारत के लिए यह मुकाबला न सिर्फ सीरीज जीतने का मौका है, बल्कि रायपुर की हार को पीछे छोड़ने का अवसर भी है.