टेस्ट क्रिकेट में कप्तानी का दबाव संभालना आसान नहीं होता. कुछ कप्तान जीत के लिए याद किए जाते हैं और कुछ हार के लिए. लेकिन एक खिलाड़ी ऐसा भी रहा जिसके नाम दोनों रिकॉर्ड दर्ज हो गए. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कई महान कप्तान हुए हैं, लेकिन ग्रीम स्मिथ का नाम एक अलग पहचान रखता है. दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान ने न सिर्फ अपनी टीम को सबसे ज्यादा टेस्ट जीत दिलाईं, बल्कि कप्तान के रूप में सबसे ज्यादा हार का रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज है. यही बात उनके करियर को और ज्यादा दिलचस्प बनाती है.

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ग्रीम स्मिथ दुनिया के इकलौते क्रिकेटर हैं जिन्होंने 100 से ज्यादा टेस्ट मैचों में कप्तानी की. उन्होंने कुल 109 टेस्ट मुकाबलों में टीम की अगुवाई की. इनमें 108 टेस्ट दक्षिण अफ्रीका के लिए और एक टेस्ट आईसीसी इलेवन के कप्तान के रूप में खेला गया था. स्मिथ की कप्तानी में टीम ने 53 टेस्ट मैच जीते. यह किसी भी कप्तान द्वारा हासिल की गई सबसे बड़ी उपलब्धि है. इस सूची में ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग 48 जीत के साथ दूसरे और स्टीव वॉ 41 जीत के साथ तीसरे स्थान पर हैं. भारत के विराट कोहली 40 टेस्ट जीत के साथ चौथे नंबर पर आते हैं.

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हालांकि स्मिथ के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड भी दर्ज है जिसे कोई कप्तान अपने नाम नहीं करना चाहेगा. उनकी कप्तानी में टीम को 29 टेस्ट मैचों में हार का सामना करना पड़ा. यह टेस्ट क्रिकेट में किसी कप्तान के नाम सबसे ज्यादा हार का रिकॉर्ड है. न्यूजीलैंड के स्टीफन फ्लेमिंग 27 हार के साथ दूसरे स्थान पर हैं जबकि जो रूट और ब्रायन लारा की कप्तानी में उनकी टीमों को 26 टेस्ट हार मिली.

सिर्फ कप्तानी ही नहीं, बल्लेबाजी में भी स्मिथ का रिकॉर्ड शानदार रहा. उन्होंने 117 टेस्ट मैचों में 48.25 की औसत से 9265 रन बनाए. उनके बल्ले से 27 शतक और 5 दोहरे शतक निकले. लंबे समय तक वह दुनिया के सबसे भरोसेमंद सलामी बल्लेबाजों में शामिल रहे.

वनडे क्रिकेट में भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा. 197 वनडे मैचों में उन्होंने 6989 रन बनाए. इस दौरान उनके नाम 10 शतक और 47 अर्धशतक दर्ज हुए. टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी उन्होंने 982 रन बनाए.

भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक दिलचस्प तथ्य यह है कि ग्रीम स्मिथ को भारत के पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान ने काफी परेशान किया. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जहीर खान ने उन्हें 14 बार आउट किया. खुद स्मिथ भी कई बार जहीर की गेंदबाजी की तारीफ कर चुके हैं. उनका मानना था कि जहीर स्विंग, रिवर्स स्विंग और गति में बदलाव के कारण बेहद कठिन गेंदबाज साबित होते थे.

ग्रीम स्मिथ का करियर इस बात का उदाहरण है कि लंबे समय तक कप्तानी करने वाले खिलाड़ियों को जीत और हार दोनों का सामना करना पड़ता है. लेकिन उनकी उपलब्धियां बताती हैं कि उन्होंने दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई.

हर कप्तान जीत का सपना देखता है. ग्रीम स्मिथ ने उसे हकीकत में बदला भी. लेकिन लंबा सफर तय करने की कीमत उन्हें हार के रिकॉर्ड के रूप में भी चुकानी पड़ी. फिर भी टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में उनका नाम सबसे प्रभावशाली कप्तानों में हमेशा शामिल रहेगा.

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